रांची : टेंडर घोटाला मामले के आरोपी ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम की रीमांड अवधि गुरुवार(30 मई) को पूरी हो गयी. रिमांड अवधि पूरी होने के बाद ED ने उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच रांची PMLA की स्पेशल कोर्ट में आज पेश किया. जहां ED ने अदालत से मंत्री आलमगीर को बिरसा मुंडा जेल भेजने की अनुमति मांगी. जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया. जिसके बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच होटवार जेल भेज दिया गया. मंत्री आलमगीर आलम 14 दिन तक ED की हिरासत में थे.इन 14 दिनों में ED ने कोर्ट की अनुमति से मंत्री आलमगीर आलम से अब तक तीन बार पूछताछ कर चुकी है.इन 14 दिनों की पूछताछ में कई अहम खुलासे भी हुए हैं,आप को बता दें कि जांच एजेंसी नियमानुसार किसी भी आरोपी को अधिकतम 14 दिनों की रिमांड पर ही रख सकती है.उसके बाद उन्हें जेल भेजना होता है.मंत्री आलमगीर आलम को 15 मई की शाम को दो दिन की लंबी पूछताछ के बाद ED ने गिरफ्तार किया था.आप को बता दे की मंत्री आलमगीर आलम के पीएस संजीव लाल और उसके सहायक के ठिकानों पर छापेमारी की थी. जहा से ED ने 37 करोड़ से अधिक की नगदी बरामद की गयी थी.उसके साथ ही ED को इससे जुड़ी एक डायरी भी बरामद हुई थी.




