टेंडर कमीशनखोरी के मामले में झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को रिमांड पर लेकर ईडी के अधिकारी लगातार पूछताछ कर रहे हैं. मंगलवार(28MAY ) को विभाग के पूर्व सचिव IAS मनीष रंजन से भी 9 घंटे पूछताछ हुई. इस बीच आलमगीर के करीबी हाकिम का नाम सामने आया है.बताया जा रहा है की 2020 में हाकिम के पास पांच हाइवा हुआ करता था, और आज की तारीख में उसके नाम से 107 हाइवा व JCB है.2020 में ही आलमगीर का ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री होने का सफर शुरु हुआ था. हाकिम की तरक्की इतनी जल्दी और इतनी तेजी से कैसे हुई यह समझना ज्यादा मुश्किल काम नहीं है. इन सभी गाड़ियों की कीमत करीब 100 करोड़ है. हाकिम ने यह सभी वाहनों का रजिस्ट्रेशन पाकुड़ से ही कराया है.हाकिम ने इन वाहनो को खरीदने के लिए अलग अलग बैंको से लोन भी लिया था.जिसमे SBI, CIFCL, MMFSL, Axis Bank, HDB, IBL, Kotak, Federal, TMF, HDFC, ICICI और टाटा कैपिटल बैंक शामिल है। और हाकिम की सारी गाड़ियां सरकारी कांट्रैक्ट के काम में लगते हैं। हाकिम भले ही पाकुड़ का रहने वाला है, लेकिन 2020 से उसका अधिकांश वक्त रांची में ही गुजरता रहा है. सप्ताह में चार-पांच दिन वह रांची में ही रहता था और मंत्री आलमगीर आलम के कांटेक्ट में रहता है.




