रांची : झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम को कांग्रेस आलाकमान ने चुनाव से अलग कर दिया है. ऐसा प्रवर्तन निदेशालय (इडी) की छापेमारी के बाद हुआ.आप को बता दे की मंत्री आलमगीर आलम के पीए संजीव लाल के सहायक जहांगीर आलम और मुन्ना सिंह के ठिकाने से 35.23 करोड़ रुपये बरामद किया था. वह महज तीन माह में जमा किए गए थे. जिसको लेकर सभी मंत्री आलमगीर आलम से दुरी बना रहे है.कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का एक दिवसीय झारखंड दौरा मंगलवार (7may) को संपन्न हुआ. चाईबासा और गुमला में चुनावी जनसभा को संबोधित किया. इन दोनों जनसभाओं में आलमगीर आलम मौजूद नहीं थे. ऐसे में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की जनसभा से इन्हें दरकिनार किया जाना जनता को अलग संदेश दे रहा है. राजनीतिक गलियारे में यह चर्चा है कि जिस तरह पार्टी के राज्यसभा सांसद धीरज साहू के यहां आयकर के छापे के बाद बरामद हुए 356 करोड़ की राशि के बाद उन्हें साइडलाइन कर दिया गया. अब ऐसी ही स्थिति आलमगीर आलम के साथ होने वाला है.संजीव लाल और उनके सहयोगी जहांगीर आलम को इडी ने हिरासत में लेते हुए पूछताछ शुरू कर दी है. छह दिनों के लिए दोनों को रिमांड पर लिया गया है. जाइका की पता है मंत्री आलमगीर आलम को एक दिन पहले राजधानी रांची के मोरहाबादी में हुई यश्विनी सहाय के रैली के मंच पर देखा गया था.लेकिन राहुल गांधी के संग बैठने का स्थान नहीं मिल सका.यह भी बताया जा रझा है की मुख्यमंत्री चंपई सोरेन आलमगीर आलम के खिलाफ कार्रवाई करना चाह रहे हैं।यही स्थिति रही तो उन्हें कैबिनेट से बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है।




