कोविशील्ड बनाने वाली कंपनी ने कोर्ट में माना ”इस वैक्सीन से पड़ सकता है दिल का दौरा”

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cm champai soren

एक शिकायकर्ता जेमी स्कॉट के आरोप के बाद कोविशील्ड बनाने वाली कंपनी ब्रिटिश फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका ने कोर्ट में मन है कि थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम के साथ थ्रोम्बोसिस (TTS) की समस्या कोविशील्ड वैक्सीन का दुर्लभ साइड इफेक्ट हो सकती है।बता दें कि TTS सिंड्रोम शरीर में खून के थक्के जमने की वजह बनती है. इसके चलते व्यक्ति में ब्रेन स्ट्रोक, कार्डियक अरेस्ट होने की आशंकाएं बढ़ जाती है.शिकायकर्ता का कहना है कि अप्रैल 2021 में वैक्सीन लगाने के बाद खून में थक्का जमने से उनके दिमाग में स्थायी चोट लग गई थी। उन्होंने दावा किया कि इस कारण वह काम करने में असमर्थ हो गए। तीन बार उनकी पत्नी को अस्पताल ने यह भी कह दिया कि वह मरने वाले हैं।
अब मामले को लेकर सीएम चम्पई सोरेन ने पीएम मोदी पर सवाल खड़े किए हैं. आज एक्स पर एक पोस्ट के जरिए सीएम चम्पई सोरेन ने पीएम मोदी से अपने सवाल का जवाब मांगा है.सीएम ने लिखा ”कोरोना की वैक्सीन बनाने वाली ब्रिटिश फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका ने कोर्ट में माना है कि इससे ब्रेन स्ट्रोक अथवा दिल का दौरा पड़ सकता है।इसी वैक्सीन को भारत में हम कोविशील्ड के नाम से जानते हैं, जिसे ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ ने बनाया था। इस कंपनी द्वारा भाजपा को 52 करोड़ चंदा देने की जो चर्चा मीडिया/ सोशल मीडिया में चल रही है, क्या वह सच है? पहले भी बीबीसी ने रिपोर्ट किया था कि इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से कुछ ऐसी कंपनियों से चंदा लिया गया, जिनकी दवाइयां टेस्ट में फेल हो रही थीं।क्या यह केंद्र सरकार की जिम्मेदारी नहीं थी कि वैक्सीन की पूरी तरह से जांच हो, खास कर के तब, जब आप इसे लगवाना सभी नागरिकों के लिए अनिवार्य कर रहे थे?सवाल यह है कि क्या इस वैक्सीन के तथाकथित दुष्प्रभावों से बचाने के लिए कोई रिसर्च की जा रही है? क्या केंद्र सरकार अब भी कोई जिम्मेदारी लेगी? क्या इस मामले में जनता को कोई स्पष्टीकरण दिया जायेगा? प्रधानमंत्री जी, देश जवाब चाहता है।”

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