RANCHI : आने वाले लोकसभा चुनाव 2024 में शिबू सोरेन अपने दोनों बहुओं को लोकसभा में इंट्री हो सकती है. झामुमो दुमका से स्व. दुर्गा सोरेन की पत्नी और जामा विधायक सीता सोरेने मुर्मू को चुनावी मैदान में उतार सकता है. वहीं हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन को पार्टी गिरिडीह से मैदान में उतार सकती है. सीता सोरेन दुमका से लोकसभा चली गयीं तो फिर जामा विधानसभा सीट से दुर्गा सोरेन की बड़ी बेटी जयश्री की सोरेन परिवार की तीसरी पीढ़ी के रूप में राजनीति में इंट्री हो सकती है. वैसे दुमका सीट से प्रो. स्टीफन मरांडी और बसंत सोरेन के नाम की भी चर्चा है. प्रो. स्टीफन मरांडी के स्वास्थ्य और उम्र पार्टी और खुद मरांडी के लिए रोड़ा बन रहा है. जबकि राजमहल से वर्तमान सांसद विजय हांसदा को फिर से टिकट मिलना तय माना जा रहा है. इस सीट से बोरियो विधायक लोबिन हेंब्रम भी टिकट के मजबूत दावेदार रहे हैं. मगर हेमंत सोरेन और उनकी सरकार के खिलाफ लगातार आग उगलने के कारण उनका पत्ता करीब-करीब कट गया है.गीता कोड़ा के भाजपा में जाने के बाद चाईबासा लोकसभा सीट झामुमो के खाते में आ गयी है. अब इस सीट से झामुमो एक मजबूत प्रत्याशी उतारने के मूड में है. जिसमें मंत्री दीपक बिरूआ और सुखराम उरांव का नाम सबसे आगे चल रहा है, जबकि जोबा मांझी भी इस सीट से रेस में हैं. अब देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी गीता कोड़ा के खिलाफ किसे उतारती है.लोहरदगा सीट पर अभी पेंच फंसा हुआ है. झामुमो ने इस सीट पर मजबूत दावेदारी पेश की है. मगर कांग्रेस इस सीट को छोड़ने को राजी नहीं है. कांग्रेस भले ही चमरा लिंडा को अपनी पार्टी में शामिल करके उसे लड़ा दे, मगर यह सीट किसी भी कीमत पर छोड़ने को राजी नहीं दिख रही है. झामुमो की बात करें तो अगर यह सीट इनके खाते में आया तो विधायक चमरा लिंडा का लड़ना तय है. चमरा लिंडा ने पार्टी को स्पष्ट कर दिया है कि अगर यह सीट झामुमो के खाते में नहीं आती है तो निर्दलीय ही सही मगर वे चुनाव लड़ेंगे.जमशेदपुर सीट की बात करें तो झामुमो से ईचागढ़ विधायक सविता महतो का नाम सबसे उपर चल रहा है. इस सीट से खरसांवा विधायक दशरथ गगराई, मगर इस गैर आरक्षित सीट से उम्मीद कम ही है कि पार्टी किसी आदिवासी को उतारेगा. इस सीट से गैर आदिवासी का नाम ही तय माना जा रहा है.



