आज जामताड़ा में बराकर नदी पर सीएम चम्पाई सोरेन ने बरबेंदिया-वीरग्राम के बीच बनने जा रहे उच्चस्तरीय फोर लेन पुल का शिलान्यास किया। इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण भी किया गया। इस पुल के बन जाने पर जामताड़ा से निरसा/ धनबाद की दूरी काफी कम हो जायेगी। इस क्षेत्र के लिए लाइफ लाइन के तौर पर बन रहे पुल से क्षेत्र के किसानों, छात्रों एवं आम लोगों के लिए बंगाल समेत झारखंड के बाकी शहरों की कनेक्टिविटी आसान हो जायेगी। लेकिन जामताड़ा के कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी बीरबिंदिया पुल के शिलान्यास कार्यक्रम के सभी अखबार विज्ञापन मे उनका नाम नहीं दिए जाने पर भड़क गए हैं और जानबूझकर अपमानित किए जाने की बात कही है।बता दें कि झारखंड में हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री से हटने के बाद सत्ताधारी गठबंधन में लगातार कुछ ना कुछ रार चल रहा है। पहले तो कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम नाराज हुए और अपने क्षेत्र में चले गए हैं क्योंकि उनके विभाग के अधिकारियों को बदलने के पूर्व उनसे सहमति नहीं ली गई। और अब इरफ़ान अंसारी नाराज हो गए हैं.
बता दें कि बिरबेंदिया पुल को लेकर लोग में भारी उत्साह है।इरफ़ान अंसारी का कहना है कि पुल नहीं रहने के कारण नाव डूबने से 14 लोगों की जान चली गई थी।उसी समय मैं कसम खाया था कि जब तक मैं पुल नहीं बना दूंगा चैन से नहीं बैठूंगा।आज वो दिन आ ही गया.जनता से किया वादा पूरा किया।निश्चित तौर उनकी आत्मा को सच्ची श्रद्धांजलि मिलेगी.वहीँ बीरबिंदिया पुल के शिलान्यास कार्यक्रम के सभी अखबार विज्ञापन मे खुद का नाम नहीं देख सीएम से नाराज इरफ़ान अंसारी ने कहा ”मुख्यमंत्री चम्पई सोरेन जी,मैं आपका सम्मान करता हूं लेकिन जिस प्रकार बीरबिंदिया पुल के शिलान्यास कार्यक्रम के सभी अखबार विज्ञापन मे मेरा नाम नहीं दिया गया वो सालासर गलत है और जानबूझकर मुझे अपमानित किया गया है। इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करूंगा।सम्मान के साथ समझौता नहीं कर सकता। हमारे क्षेत्र का योजना और मेरा ही नाम नहीं।अखबार देखकर खुद ही आकलन कर ले। क्या महागठबंधन धर्म का यही पालन हो रहा है???”



