रांची : आज झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस डॉ एसएन पाठक की कोर्ट ने अस्थाई रूप से कार्य कर रहे कर्मचारियों की सेवा नियमितीकरण को लेकर फैसला सुनाते हुए राज्य और केंद्र सरकार को चार माह के अंदर 10 वर्षों से ज्यादा समय से राज्य एवं केंद्र सरकार के विभिन्न संस्थाओं में अंशकालिक रूप से अस्थाई रूप से कार्य कर रहे कर्मचारियों की सेवा नियमितीकरण करने का आदेश जारी किया है.ऐसे मामलों में निर्णय लेने के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार के विभिन्न विभाग एक कमेटी का गठन कर समिति सुप्रीम कोर्ट में उमा देवी के दिए गए आदेश के आलोक में झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस एनएन तिवारी द्वारा दिए गए आदेश और राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नियमितीकरण नियम के तहत निर्णय लेने को कहा गया है.प्रार्थी को एक माह के अंदर संबंधित विभाग में रिप्रेजेंटेशन देने के बाद अभ्यर्थी के रिप्रेजेंटेशन पर सरकार को चार माह के अंदर निर्णय लेकर प्रार्थी को अवगत करना होगा. विभाग के फैसला से असन्तुष्ट होने पर प्रार्थी हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सकता है.



