झारखंड: लिट्टीपाड़ा प्रखंड के जोरडीहा पंचायत अंतर्गत बड़ा कुटलो गांव में अज्ञात बीमारी से पांच बच्चें की मृत्यु होने का मामला सामने आया है.संगठन के अध्यक्ष संजय किस्कू ने बताया कि बड़ा कुटलो गांव में 17नवंबर से 22नवंबर के बीच पांच बच्चें की मृत्यु हो चुकी हैं, और अभी भी कई अज्ञात बीमार से पीड़ित हैं।उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर विश्व आदिवासी आकील ऐभेन संगठन के बैनर तले गुरुवार को स्वास्थ विभाग का कैंप लगा कर जांच कराने का आग्रह किया गया हैं. मामले को लेकर भजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सीएम हेमंत सोरेन पर निशाना साधा है सत्तासुख भोगने की लालसा लिए हुए हेमंत से अब जनता कौन सी उम्मीद कर सकती है?गोड्डा जिले में 7 बच्चों की मौत के बाद,अब पाकुड़ जिले की लिट्टीपाड़ा के बड़ा कुलटो में 5 नाबालिक बच्चों की अज्ञात बीमारी से मौत हो गई है। पर प्रदेश की हेमंत सरकार अभी भी नींद में सोई हुई है,उसे बच्चों की जान से, रोते हुए इंसान से और बेबस होती स्वास्थ्य व्यवस्था से कोई फर्क नहीं पड़ता है।हर दिन किसी न किसी बच्चे की जान जा रही है और राज्य सरकार अपनी रोटी में घी लगाकर स्वाद ले रही है, उसे रोटी और पथराई आंखों से कोई सहानुभूति नहीं है।”
मालूम हो कि गोड्डा जिले के सुंदरपहाड़ी प्रखंड की बड़ा सिंदरी पंचायत के अंतर्गत आने वाले गांवों में अज्ञात बीमारी की चपेट में आकर 10 वर्ष से कम उम्र के 7 बच्चों की मौत हो चुकी है.इस मामले को लेकर भी मरांडी ने सीएम पर निशाना साधा ”गोड्डा जिले के सुंदरपहाड़ी प्रखंड की बड़ा सिंदरी पंचायत के अंतर्गत आने वाले गांवों में अज्ञात बीमारी की चपेट में आकर 10 वर्ष से कम उम्र के 7 बच्चों की मौत हो चुकी है, वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 4 वर्षों से नींद की चपेट में हैं, नींद के आईसीयू वार्ड से निकलते भी हैं तो सिर्फ सत्ताप्राप्ति की बातें करते हैं, लुभावनी योजनाओं का शुभारंभ करते हैं, भ्रष्टाचारी नीतियों का जायजा लेते हैं और फिर बंगले में अपराधियों के साथ मीटिंग करके उनको सरंक्षण देने की बातें करके वापस स्वप्नलोक में चले जाते हैं… ऐसे मुख्यमंत्री को प्रदेश में बच्चों की मौत से भला क्या ही मतलब होगा?”



