आज दिनांक 04.10.2023 को वन्यप्राणी सप्ताह के उपलक्ष्य में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिर्वतन विभाग, झारखण्ड के द्वारा Vulture Conservation एवं Forensic Techniques in Wildlife Crime Investigation के विषय पर होटल बी०एन०आर० चाणक्य, राँची में कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ० संजय कुमार श्रीवास्तव, भा०व० से०, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, झारखण्ड के साथ-साथ श्री शशीकर सामंत, भा०व०से०, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं कार्यकारी निदेशक, बंजर भूमि विकास पर्षद, झारखण्ड, राँची, विशिष्ट अतिथि के रूप में एवं श्री कुलवंत सिंह, भा०व०से०, प्रधान मुख्य वन संरक्षक सह मुख्य वन्यप्राणी एवं मुख्य वन्यप्राणी प्रतिपालक, झारखण्ड सम्मानीय अतिथि के रूप में तथा वन विभाग के सभी वरीष्ठ पदाधिकारी एवं राज्य के सभी प्रमण्डलों से पदस्थापित सभी वन प्रमण्डल पदाधिकारियों ने इस कार्यशाला में भाग लिया। डॉ० संजय कुमार श्रीवास्तव, भा०व० से०, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, झारखण्ड के द्वारा कार्यशाला में उपस्थित सभी पदाधिकारियों को गिद्ध संरक्षण एवं Forensic Techniques एवं Wildlife Crime Investigation विषय पर प्रकाश डाला गया। श्री कुलवंत सिंह, भा०व०से०, प्रधान मुख्य वन संरक्षक सह मुख्य वन्यप्राणी एवं मुख्य वन्यप्राणी प्रतिपालक, झारखण्ड ने उपरोक्त विषय के संबंध में जानकारी दी।
कार्यशाला के प्रथम तकनिकी सत्र में डॉ० विभु प्रकाश, उपनिदेशक एवं प्रधान वैज्ञानिक, BNHS ने गिद्ध संरक्षक, Vulture Conservation विषय पर विस्तृत रूप से गिद्ध संरक्षण हेतु जानकारियाँ दी गयी। श्री एस० आर० नटेशा, भा०व० से०, मुख्य वन संरक्षक, वन्यप्राणी, झारखण्ड, राँची के द्वारा भी कार्यशाला के विषय पर विशेष जानकारी प्रदान की गई। कार्यशाला के द्वितीय सत्र में डॉ० ए०के० बापुली, मुख्य फोरेंसिक वैज्ञानिक एवं निदेशक,फोरेंसिक विज्ञान निदेशालय, झारखण्ड, राँची द्वारा Forensic Techniques एवं Wildlife Crime Investigation विषय पर विस्तृत रूप से जानकारियाँ साझा किया गया।कार्यशाला के अन्तिम सत्र में कार्यशाला के विषय पर श्री सबा आलम, वन प्रमण्डल पदाधिकारी एवं श्री सूरज सिंह, वन प्रमण्डल पदाधिकारी, कोडरमा द्वारा अपने-अपने प्रमण्डलान्तर्गत Vulture Conservation हेतु किये गये कार्यों के संबंध में power point presentation प्रस्तुत किया गया। कार्यशाला का आयोजन राज्य के वन्यप्राणी प्रभाग द्वारा किया गया। श्री उमेश साहनी, भा०व० से०, वन प्रमण्डल पदाधिकारी, वन्यप्राणी, राँची के द्वारा कार्यशाला का संचालन किया गया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन श्री अजीत कुमार सिंह, सहायक वन संरक्षक के द्वारा किया गया।



