रांची: सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश एमवाई इकबाल की जमीन हड़पने के प्रयास के आरोपी शाहनवाज अली उर्फ कंजा गद्दी ने आज न्यायिक दंडाधिकारी कमलेश बेहरा की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया.लोअर बाजार पुलिस स्टेशन के अधिकारियों द्वारा उसकी संपत्ति कुर्क करने के आदेश के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाए जाने के बाद फरार गद्दी अदालत में उपस्थित हुआ। इससे पहले कि अदालत कोई आदेश पारित कर पाती, उसने आत्मसमर्पण कर दिया।इस मामले में अन्य आरोपी पहले से ही जेल में हैं.यह घटनाक्रम तब हुआ जब झारखंड उच्च न्यायालय ने 26 जून को मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया, जिसमें बताया गया कि कैसे पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में गुंडों ने दिनदहाड़े हत्या का प्रयास किया।न्यायमूर्ति एस चन्द्रशेखर और न्यायमूर्ति रत्नाकर भेंगरा की खंडपीठ ने रांची एसएसपी और गृह विभाग से जवाब मांगा है.इस मामले में लोअर बाजार थाने में जमीन की देखरेख के लिए तैनात हवलदार जैनुल अंसारी ने प्राथमिकी दर्ज करायी थी. प्राथमिकी में कहा गया है कि जुनैद राज पप्पू अपने साथ 20-25 अज्ञात लोगों व मजदूरों को लेकर आये और दिवंगत जज की जमीन पर बनी दीवार को तोड़ने लगे.इन लोगों ने सामने से दीवार तोड़ दी. इसी बीच लोअर बाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची तो सभी लोग मौके से भाग गये. मौके पर सिर्फ मजदूर मौजूद थे।



