आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पंचायती राज विभाग के अंतर्गत पंचायत सचिव के पद पर 1633, राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग अंतर्गत 707, वित्त विभाग अंतर्गत 166 एवं खाद्य आपूर्ति विभाग अंतर्गत 44 युवाओं को निम्न वर्गीय लिपिक पद के लिए नियुक्ति पत्र सौंपा।मुख्यमंत्री (सीएम) हेमंत सोरेन ने आज हर साल सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले पांच पंचायत सचिवों को परिवार के साथ एक सप्ताह की विदेश यात्रा की घोषणा करते हुए कहा “आप सभी से कहना चाहूंगा ग्रामीण योजनाओं को फोकस करते हुए आप अपने दायित्व का निर्वहन करें। मैं इस मंच से यह भी घोषणा करता हूँ कि आप पंचायत सचिव अपने पंचायत के प्रति संकल्प लें। अपने पंचायत को मॉडल पंचायत बनाने का काम करें। हर साल 5 मॉडल पंचायत के जो पंचायत सचिव बढ़िया कार्य करेंगे उन्हें विदेश के मॉडल विलेज का भ्रमण सपरिवार कराया जाएगा। ताकि आप वहां से सीखकर राज्य में पंचायतों को और बेहतर बनाने हेतु अपना योगदान दे सकें।”
सीएम ने कार्यक्रम ने कहा आप एक कदम बढ़ाए। सौ कदम सरकार आपके साथ बढ़ाने को तैयार है। आप हमें परिणाम दें। परिणाम से कहीं ज्यादा आपके लिए कार्य करने की इच्छा सरकार रखती है। सरकार का उद्देश्य इस राज्य पर जो पिछड़ेपन का कलंक है, उस कलंक को मिटाना है। हमें यह संकल्प लेना है .अभी तो शुरुआत है। आपकी सरकार ने अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से बीडीओ, कृषि पदाधिकारियों, आयुष चिकित्सकों, नर्सों, सहायक अभियंताओं, पशु चिकित्सकों, शिक्षकों समेत 8 हजार से अधिक युवाओं के बीच नियुक्ति पत्र का वितरण किया है।कई वेकैंसी निकाली गयी हैं तथा और कई वैकेंसी जेपीएससी और जेएसएससी के माध्यम से निकाला जाना शेष है। निजी क्षेत्र में भी हजारों की संख्या में नियुक्ति हुई है।झारखण्ड राज्य ने तो वर्षों से चुनौतियां देखी हैं, राज्य अलग होने के पूर्व भी और अलग होने के बाद भी। पहले 5-10 वर्ष तक जेपीएससी, जेएसएससी में नियुक्तियां नहीं होती थी। लेकिन अब रिकॉर्ड समय में परीक्षा आयोजित कर नियुक्तियों को सुनिश्चित किया जा रहा है।वर्ष 2000 में झारखण्ड राज्य की स्थापना हुई। वर्तमान स्थिति में रोजगार को लेकर अगर हम पूरे देश में नजर डालें तो विचित्र स्थिति बनी हुई है। आने वाली पीढ़ी और वर्तमान शिक्षित पीढ़ी की यह पीड़ा किसी से छिपी नही है।इस स्थिति के बावजूद झारखण्ड के युवाओं के लिए आपकी सरकार यथासंभव प्रयास कर रही है कि इस पीड़ा से आपको जल्द बाहर निकाला जाए। और यही वजह है कि राज्य में नियुक्तियों का दौर चल रहा है और आगे भी चलता रहेगा।



