दो जून ओडिशा के बालासोर में हुए तीन ट्रेनों की भीषण टक्कर में कम से कम 288 लोगों की मौत हो गई है और करीब 803 लोग घायल हो गए हैं. दुर्घटना में बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस, शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी शामिल थी। इस दुर्घटना में झारखंड के एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं।इनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है, लेकिन उचित इलाज और सहयोग के लिए डॉक्टरों और अधिकारियों की टीम झारखंड से बालासोर पहुंच गयी है। इस टीम में सदर अस्पताल रांची के सर्जन डॉ अजीत कुमार, रांची के डीसी राहुल कुमार सिन्हा, श्रम सचिव राजेश शर्मा सहित दो लोग शामिल हैं।रेल हादसे में अब तक प्राप्त सूचना के अनुसार झारखंड के 30 लोग घायल हुए हैं. इनमें दुमका के दो लोग लापता हैं. झारखंड सरकार के कंट्रोल रूम के अनुसार मिर्जा चौकी गोड्डा के मुकेश पंडित, राजीव पंडित व मिथुन कुमार पंडित घायल हैं. कंट्रोल रूम को मिली सूचना के अनुसार दुमका के 16 मजदूर घायल हैं. हालांकि मजदूरों में से एक ने जानकारी दी कि कुल 18 लोग ट्रेन में सवार हुए थे. दो लोग लापता हैं. कंट्रोल रूम के अनुसार दुमका के घायल श्रमिकों में सीताराम कुमार, हरियर कुमार, जोगेंद्र कुमार, लालमोहन कुमार, सुरेंद्र मारिक, अरविंद राउत, लखन मांझी, प्रमोद राउत, भोला राउत, सुखलाल मरांडी, मुंशी किस्कु, मेरुलाल मरांडी, देवेश्वर मरांडी, नायकी टुडु शामिल हैं.
शनिवार को सीएम हेमंत सोरेन ने ट्वीट किया ”झारखण्ड सरकार के अधिकारियों और डॉक्टर की एक टीम कल सुबह हेलीकॉप्टर से ओडिशा के लिए रवाना होगी। ओडिशा के बालासोर में हुए ट्रेन हादसे में मिली जानकारी के अनुसार झारखण्ड के यात्रियों से मुलाकात कर टीम द्वारा उन्हें हरसंभव मदद प्रदान किया जाएगा। हादसे में घायल हुए यात्रियों को बेहतर इलाज हेतु भी जरूरी सभी सहायता प्रदान की जाएगी।”



