सादगी का नाम हेमंत सोरेन

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पहुँच गए बूढ़ा पहाड़ अपने सरकारी अमले के साथ। गांव वालों के साथ जमीन पर बैठकर खाया खाना

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुढ़ा पहाड़ डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर शुक्रवार को बुढ़ा पहाड़ पहुंचे. जहां उन्होंने विकास योजनाओं को लेकर आदिम जनजाति के लोगों के बीच कई सौगात देते हुए योजनाओं से अक्षांदित किया. उनके साथ झारखण्ड के पेयजल स्वक्षता मंत्री मिथलेश ठाकुर, मुख्य सचिव और पी सहित वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे थे. जिस बुढ़ा पहाड़ पर कुछ माह पहले तक भाकपा मओवादी के वर्चस्व था. आज उनके किला को ढाहते हुए पहली बार कोई मुख्यमंत्री इतने बड़े-बड़े अधिकारियों के साथ इस भीषण घनघोर जंगल के बीच बसा बुढ़ा पहाड़ पहुंचे थे.
बुढ़ा पहाड़ पुहंचकर सीएम सोरेन ने विलुप्त प्राय जाति के लोगों के बीच कई परिसंपत्तियों का वितरण किया. जिसमें सर्वजन पेंशन योजना, सावित्री बाई फुले योजना, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत लाभुकों के बीच ऋण का वितरण, किसानों के बीच सिंचाई के कई सामग्री का वितरण, मनरेगा के कई योजनाओं का भी शिलान्यास किया.
ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर सीएम ने खाया खाना
मुख्यमंत्री, मंत्री सहित सभी अधिकारियों ने जमीन पर बैठ ग्रामीणों के साथ भोजन ग्रहण किया और ग्रामीणों के घर जाकर कुशल क्षेम पूछा. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मैं जब अपने परिवार के साथ लातेहार घूमने गया था, तो उसी समय मैंने मन बनाया कि बहुत जल्द इस पहाड़ पर हम पहुंच कर विकास करेंगे. जिसके बाद आज हम आपके बीच हैं और इस गांव को आने वाले छह माह के अंदर विकसित किया जाएगा. खुद छह माह बाद फिर से बुढ़ा पहाड़ पर आएंगे.
लोग बुढ़ा पहाड़ के नाम पर खूब डराते थे, लेकिन उस तरह की बात नहीं है. बुढ़ा पहाड़ पर हम एक सौ नहीं, पांच सौ करोड़ लगाने को तैयार है, पैसे की कोई कमी नहीं है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंचायत पूरे राज्य का नंबर वन पंचायत बनेगा. उन्होंने भटके हुए लोगों से कहा कि आप हथियार डालकर सरकारी योजनों का लाभ लें.

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