दिल्ली की एक अदालत ने तीनों आरोपियों को अपहरण, बलात्कार और हत्या के विभिन्न आरोपों के तहत दोषी ठहराया गया था. इसके साथ ही आरोपियों को दिल्ली हाईकोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी.इसके बाद तीनों आरोपियों ने सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी.सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हाईकोर्ट के फैसले को ख़ारिज कर तीनों आरोपियों को बरी कर दिया है.जस्टिस उदय उमेश ललित, जस्टिस एस रवींद्र भट और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की बेंच ने यह फैसला सुनाया है. मामले में सुनवाई करते हुए 7 अप्रैल 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने तीनों दोषियों की मौत की सजा पर फैसला सुरक्षित रखा था.बता दें कि घटना 9 फरवरी 2012 दिल्ली के छावला इलाके की है 19 साल की पीड़िता अपने काम से फ्री होकर घर की ओर जा रही थी. तभी रास्ते में रवि कुमार, राहुल और विनोद नाम के तीन युवकों ने उसका अपहरण कर लिया था.आरोपियों ने लड़की के साथ गैंगरेप किया और कार में इस्तेमाल होने वाले औजारों से उसे पीटा गया. उसके शरीर को सिगरेट से जलाया गया. दोनों आखों में तेजाब डालकर उसकी हत्या कर दी थी. पीड़िता का शव हरियाणा के रेवाड़ी में बहुत बुरी हालत मिला था.



