रांची में रेलवे ट्रैक के पास घंटों पड़ा रहा युवक का शव, सीमा विवाद में उलझी रही 2 थानों की पुलिस

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रांची. झारखंड की राजधानी रांची में एक बार फिर पुलिस की लापरवाही देखने को मिली है. दो थानों के बीच सीमा क्षेत्र को छिड़ी बहस के कारण घटनास्थल पर घंटों युवक का शव पड़ा रहा और पुलिस को इससे कोई फर्क तक नहीं पड़ा. दरअसल रांची के पुंदाग ओपी और नगड़ी थाना क्षेत्र के सीमा पर एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ. युवक की धारदार हथियार से मारकर हत्या की आशंका जाहिर की जा रही है. दोनों थाने की पुलिस मौके पर है. हालांकि अबतक युवक के शिनाख्त तक नहीं हो पाई है. मिली जानकारी के अनुसार रांची के नगड़ी और पुंदाग ओपी इलाके स्थित साईं मंदिर से महज कुछ दूरी पर ही रेल पटरी के समीप एक युवक का शव अहले सुबह स्थानीय लोगों के द्वारा देखा गया. शव की सूचना इलाके में आग की तरह फैली और घटनास्थल पर लोगों की भीड़ भी जमा हो गई. लोगों ने मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी.

मामले की जानकारी मिलने के बाद पुंदाग ओपी की पुलिस मौके पर पहुंची. हालांकि घटनास्थल पर  पहुंचने के बाद पुंदाग ओपी पुलिस ने वारदात को नगड़ी थाना क्षेत्र का बताया जिसके बाद नगड़ी थाने की भी पुलिस मौके पर पहुंची. लेकिन वो भी इसी पशोपेश में नजर आई कि ये थाना क्षेत्र उसका नहीं है.

घंटों बाद पुलिस ने शुरू की मामले की जांच 

वहीं इस मामले को लेकर स्थानीय दिलीप महतो का कहना है कि शव काफी देर से पड़ा हुआ है और दोनों थानों की पुलिस सीमा को लेकर उहापोह में है. जिस वजह से शव काफी समय से यहीं पर पड़ा हुआ है. वही मौसम गर्मी का है ऐसे में शव भी जल्द ही डिस्पोज होने का खतरा बढ़ जाता है. शव को जल्द उठा लेने चाहिए. हालांकि कुछ घंटों बाद पुंदाग ओपी ने शव को कब्जे में लिया और अनुसंधान में जुट गई. शव को रिम्स भेज दिया गया ताकि शव का पोर्स्टमार्टम हो सके. मामले की जानकारी देते हुए पुंदाग ओपी प्रभारी अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि युवक पर धारदार हथियार से हमला किया गया है और संभवतः ये मामला हत्या का प्रतित हो रहा है.

पहले भी सीमा विवाद का मामला आया सामने 

वहीं शव उठाने में हुई देरी के मामले पर पुंदाग ओपी के प्रभारी अरविंद कुमार सिंह का कहना है कि कोई सीमा विवाद का मसला नहीं था. मृतक की शिनाख्त और जानकारी जुटाने में वक्त लग रहा था. इसके साथ ही पंचनामा करने में थोड़ा ज्यादा वक्त लग गया. वहीं उन्होंने कहा कि ये क्षेत्र पुंदाग ओपी में ही आता है. बहरहाल थानों के सीमा विवाद का मामला कोई नया नहीं है. लेकिन घटनास्थल की जांच में जितनी ज्यादा देर हो सुबूत और सुराग भी कुछ उसी अंदाज में खत्म हो जाते है.

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