नई दिल्ली, 7 नवंबर 2026। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कर्नाटक सरकार की एक लैब जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर पेट्रोल में तय सीमा (20%) से अधिक एथेनॉल मिलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट कर इसे “E20 बना 420” और “जनता की गाड़ी से पेट्रोल चोरी” करार दिया है। राहुल गांधी ने दावा किया कि कर्नाटक सरकार ने 7 जिलों से पेट्रोल के 14 सैंपल लेकर मान्यता प्राप्त लैब में जांच करवाई, जिनमें से 11 सैंपल में 20% से अधिक एथेनॉल पाया गया।पोस्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक, इंडियन ऑयल (IOCL) के सैंपल में 31.2% और HPCL के सैंपल में 30.5% एथेनॉल मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि IOCL, HPCL, BPCL, Nayara और Shell जैसी सरकारी और निजी दोनों तरह की कंपनियों में तय सीमा से ज्यादा एथेनॉल पाया गया है। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि तेल कंपनियों की अपनी लैब रिपोर्ट में एथेनॉल की मात्रा का जिक्र ही नहीं किया गया और पेट्रोल पंपों पर भी यह जानकारी नहीं लिखी होती कि टंकी में कितना एथेनॉल मिश्रित ईंधन डाला जा रहा है।उन्होंने कहा कि उपभोक्ता महंगे पेट्रोल के पूरे पैसे दे रहे हैं, लेकिन अत्यधिक एथेनॉल के कारण वाहनों का माइलेज कम हो रहा है और पुरानी गाड़ियां खराब हो रही हैं।इंडियन ऑयल, BPCL और HPCL ने कर्नाटक सरकार के इन दावों और जांच के नतीजों को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनियों ने सैंपल लेने की प्रक्रिया और टेस्टिंग के तरीकों पर सवाल उठाए हैं।
राहुल गांधी ने मोदी सरकार से पूछे सीधे सवाल
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि देश में पेट्रोल के अंदर वास्तव में कितना एथेनॉल मिलाया जा रहा है? यदि निर्धारित 20 प्रतिशत से अधिक एथेनॉल पाया जाता है, तो संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी?उन्होंने यह भी पूछा कि पेट्रोल पंपों पर ईंधन में एथेनॉल की मात्रा की स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी जाती और उपभोक्ताओं को अपनी पसंद का ईंधन चुनने का विकल्प क्यों नहीं मिलता?राहुल गांधी ने अपनी बहस की चुनौती दोहराते हुए कहा कि इस मुद्दे पर भी चर्चा होनी चाहिए कि सरकार की नीतियों से आखिर वास्तविक फायदा किसे मिल रहा है।




