चाईबासा: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता चंपई सोरेन ने चाईबासा में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान को लेकर प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस एवं विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कोल्हान की वीर भूमि के लोग राजनीतिक षड्यंत्रों को भली-भांति समझते हैं। उन्होंने मंझगांव से लेकर कपाली तक हो रहे कथित जनसांख्यिकीय बदलावों पर भी चिंता जताई।
चंपई सोरेन ने झारखंड आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकारों के कार्यकाल में आंदोलनकारियों पर कई बार गोलीबारी हुई। उन्होंने गुवा गोलीकांड और गंगाराम कालुन्डिया हत्याकांड का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा ने झारखंड आंदोलनकारियों के संघर्ष का सम्मान करते हुए अलग राज्य के गठन का मार्ग प्रशस्त किया।उन्होंने कहा, “मेरा स्पष्ट मानना है कि अगर केंद्र में आदरणीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार नहीं बनी होती, तो शायद अलग झारखंड राज्य का गठन भी नहीं हो पाता।”
प्रेस वार्ता में चंपई सोरेन ने फर्जी संसद बनाने, संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने और देश में अराजकता फैलाने के प्रयासों को लेकर भी विपक्ष पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश की जनता ऐसे प्रयासों का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती गीता बालमुचू, पूर्व मंत्री श्री बड़कुंवर गागराई, श्री जेबी तुबिद, श्री भूषण पाट पिंगुआ सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



