रांची: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली, बिहार, झारखंड और कर्नाटक में स्थित कुल 4 परिसरों पर छापेमारी की कार्रवाई की है। यह तलाशी अभियान जून 2026 में झारखंड की राजधानी रांची के निवारणपुर (चुटिया थाना क्षेत्र) स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांतीय कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले के सिलसिले में चलाया जा रहा है। ED की दिल्ली जोनल टीम ने इस हमले से जुड़े संदिग्धों के वित्तीय नेटवर्क, अवैध लेन-देन और पैसों के स्रोत (Money Trail) का पता लगाने के लिए धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत यह कार्रवाई शुरू की है।यह मामला मुख्य रूप से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा दर्ज की गई FIR पर आधारित है, जिसे ED ने अपने मनी लॉन्ड्रिंग केस (ECIR) का आधार बनाया है।जांच एजेंसियों के अनुसार, इस हमले के तार पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ से जुड़े होने का संदेह है।इस छापेमारी से ठीक एक दिन पहले, 16 सितंबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) को UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत एक आतंकवादी संगठन घोषित किया है। यह संगठन सीमा पार से हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल रहा है।झारखंड पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की शुरुआती जांच में इस मामले में सैफ अंसारी और अमन अंसारी को गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया है कि आरोपी दुबई की यात्रा के दौरान भट्टी के करीबी हैंडलर “राणा साहब” के संपर्क में आए थे और उन्हें एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए निर्देश दिए जा रहे थे। ED अब यह जांच कर रही है कि क्या इस हमले को अंजाम देने के लिए भट्टी नेटवर्क द्वारा फंडिंग की गई थी।




