NEET परीक्षा और पेपर लीक विवाद को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने दावा किया है कि इस पूरे विवाद और उससे पैदा हुए मानसिक दबाव के कारण अब तक 12 छात्रों की मौत हो चुकी है।12 छात्रों में ऋतिक मिश्रा, अंशिका पांडे, प्रदीप मेघवाल, सिद्धार्थ हेगड़े, आकांक्षा चतुर्वेदी, भाग्यश्री, रेणु मीणा, रिया कुमारी थापा, उमेश माली, अनुकीर्तना, शिवानी यादव और कहान पटेल के नाम शामिल हैं। कांग्रेस ने इन घटनाओं के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है।
कांग्रेस ने कोयंबटूर की 19 वर्षीय छात्रा अनुकीर्तना का जिक्र करते हुए कहा कि उसने कथित तौर पर आत्महत्या से पहले अपने चाचा को संदेश भेजा था। संदेश में लिखा था, “NEET परीक्षा कैंसिल हो गई। मुझे दोबारा परीक्षा देने से डर लग रहा है। पापा ने मुझ पर बहुत खर्च किया है, मैं उनका सामना कैसे करूंगी।” इसके बाद छात्रा ने अपनी जान दे दी।NEET पेपर लीक विवाद के बाद लखनऊ की 17 वर्षीय शिवानी यादव और अहमदाबाद के 17 वर्षीय कहान पटेल की आत्महत्या का भी कांग्रेस ने जिक्र किया.
इन घटनाओं को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए कहा कि ये खुदकुशी नहीं- ‘मर्डर’ है, जिसे नरेंद्र मोदी, धर्मेंद्र प्रधान और उनकी ‘हत्यारी सरकार’ ने अंजाम दिया है।हर दिन बच्चों की मौत की खबरें आ रही हैं, परिवार तबाह हो रहे हैं, लेकिन बेशर्मी देखिए कि धर्मेंद्र प्रधान अपनी कुर्सी से चिपके हुए हैं।कांग्रेस ने केंद्र सरकार से तीन सवाल पूछे हैं—शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कब इस्तीफा देंगे?पेपर लीक के दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?पेपर लीक का घिनौना खेल कितने परिवार उजाड़ेगा?




