रांची: झारखंड भाजपा अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने रांची स्थित होटवार जेल में एक महिला कैदी के साथ कथित शारीरिक शोषण के मामले को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को अफवाह बताकर तथा मेडिकल रिपोर्ट को सार्वजनिक न करके दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
मरांडी ने कहा कि मामले के सामने आने के तुरंत बाद संबंधित महिला कैदी को जमानत दिए जाने से भी संदेह पैदा होता है। उनके अनुसार, राज्य सरकार की दलीलों और प्रस्तुत रिपोर्टों पर विश्वास नहीं किया जा सकता।उन्होंने दावा किया कि कुछ माह पूर्व महिला की प्रेग्नेंसी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी और महिला ने जेल के भीतर दुष्कर्म की बात भी स्वीकार की थी। इसके बावजूद राज्य सरकार ने निजी रिपोर्ट का हवाला देकर मामले को दबाने का प्रयास किया। मरांडी ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य की शीर्ष पुलिस अधिकारी होने के बावजूद डीजीपी ने पीड़ित महिला की सहायता करने के बजाय आरोपितों को बचाने का काम किया।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार की दलीलों को खारिज करते हुए मेडिकल रिपोर्ट और न्यायिक जांच रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने इसे मामले की गंभीरता का प्रमाण बताया।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को संबोधित करते हुए मरांडी ने कहा कि यह केवल एक महिला के शोषण का मामला नहीं, बल्कि न्यायालय की अभिरक्षा में बंद कैदियों की सुरक्षा और राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है। उन्होंने सरकार से पीड़ित महिला की मेडिकल रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की मांग की।
मरांडी ने विश्वास जताया कि झारखंड उच्च न्यायालय मामले की सच्चाई सामने लाएगा और किसी भी दोषी को बचने नहीं देगा। उन्होंने कहा कि इससे आम जनता का न्याय व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत होगा।




