रांची: भाजपा ने कहा है कि राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को NDA ने इसलिए समर्थन दिया क्योंकि NDA गठबंधन के पास 24 विधायक हैं,लेकिन जीतने के लिए 28 चाहिए। अब झामुमो का कहना है कि भाजपा द्वारा परिमल नाथवानी को समर्थन देने का कारण पैसा है.झामुमो ने एक्स पर लिखा ”आज फिर से भाजपा ने दिखा दिया की वो पूंजीपतियों, दलबदलुओं, परिवारवादियों और भ्रष्टाचारियों की पार्टी है।आज फिर एक गुजराती नोटों की थैली ले कर भाजपा कार्यालय आया और भाजपा ने उसे झारखंड से अपना राज्यसभा उम्मीदवार बना दिया।शर्मनाक।”
कांग्रेस के स्वास्थ मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भी भाजपा पर तंज कसा है. उन्होंने सवाल खड़े करते हुए पूछा है कि क्या झारखंड में योग्य, शिक्षित और संघर्षशील लोगों की कमी है? क्या झारखंड की धरती अपने प्रतिनिधि चुनने में सक्षम नहीं है?
मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने एक्स पर लिखा: अडानी, अंबानी और उसके बाद भाजपा ने लाया नाथवानी,झारखंड का सम्मान सबसे ऊपर!आज विधानसभा में कई भाजपा विधायकों से मुलाकात हुई। मैंने उनसे आग्रह किया कि वे किसी दबाव, भय या दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुनें और झारखंड के हित में निर्णय लें।भाजपा पहले अडानी-अंबानी की राजनीति लेकर आई और अब नाथवानी को झारखंड पर थोपने का प्रयास कर रही है। मैं पूछना चाहता हूं कि क्या झारखंड में योग्य, शिक्षित और संघर्षशील लोगों की कमी है? क्या झारखंड की धरती अपने प्रतिनिधि चुनने में सक्षम नहीं है? अगर आपके पास संख्या बल नहीं है तो कृपया शांत रहते हैं? पूर्व में भाजपा के लोग नाथवानी जी को पशुधन कहती थी और आज पशु वओर धन दोनों से प्यार कैसे हो गया?भाजपा के कुछ विधायक और सांसद ,एक तो आप बहरी हैं दूसरी और यहां के लोगों ने आपको धर्म के नाम पर वोट देकर जिताया है।यदि आपको झारखंड की माटी से प्रेम है, यहां के लोगों की भावनाओं का सम्मान है और राज्य के स्वाभिमान की चिंता है, तो महागठबंधन के लोकप्रिय उम्मीदवार श्री प्रणव झा जी का समर्थन करें। झारखंड का प्रतिनिधित्व झारखंड की सोच, झारखंड की संस्कृति और झारखंड के हितों को समझने वाला व्यक्ति ही करे।मुझे विश्वास है कि भाजपा के कई विधायक दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर झारखंड के सम्मान और भविष्य को प्राथमिकता देंगे तथा अपनी अंतरात्मा की आवाज़ पर निर्णय लेंगे।झारखंड बिकाऊ नहीं है, झारखंड झुकने वाला नहीं है, झारखंड अपना सम्मान और अधिकार स्वयं तय करेगा।




