अंजना तिवारी की मौत पर विधानसभा कर्मी विधानसभा परिसर में शव के साथ धरना पर बैठे

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Anjana Tiwari

रांची: झारखंड विधान सभा की कनीय सचिवालय सहायक श्रीमती अंजना तिवारी दिनांक 24 मई 2026 को रांची के एक प्रतिष्ठित बताए जाने वाले निजी अस्पताल सेंटविटा में तथाकथित डॉ राजेश कुमार मारू द्वारा सामान्य गॉलब्लैडर (Gallbladder) ऑपरेशन हेतु भर्ती हुई थीं। भर्ती के समय उनकी सभी चिकित्सीय जांच सामान्य थीं तथा वे स्वयं चलकर अस्पताल गई थीं।
परंतु एक साधारण ऑपरेशन के उपरांत उनकी स्थिति अचानक अत्यंत गंभीर होती चली गई। जानकारी के अनुसार ऑपरेशन के बाद उन्हें 8 यूनिट रक्त एवं 2 यूनिट प्लाज्मा चढ़ाया गया, जो एक सामान्य गॉलब्लैडर ऑपरेशन में अत्यंत असामान्य एवं चिंताजनक विषय है। बाद में परिजनों को जानकारी प्राप्त हुई कि ऑपरेशन के दौरान artery में puncture हो गया था तथा अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। साथ ही ठंडा रक्त चढ़ाए जाने एवं multiple organ failure की बात भी सामने आई।
स्थिति बिगड़ने पर उन्हें भगवान महावीर अस्पताल में दिनांक 24 मई 26 को रात्रि में भर्ती कराया गया, जहां दिनांक 26 मई 2026 को प्रातः लगभग 9 बजे उनकी दुखद मृत्यु हो गई। विदित हो कि श्रीमती अंजना एक विधवा के रूप में अपना जीवन यापन कर रही थी तथा उनको एक मात्र पुत्री है जो मात्र 16 वर्ष की है।
यह घटना अत्यंत गंभीर चिकित्सीय लापरवाही (Medical Negligence) एवं संदिग्ध उपचार पद्धति की ओर संकेत करती है। एक सामान्य ऑपरेशन के बाद इतनी बड़ी मात्रा में रक्त एवं प्लाज्मा चढ़ाना तथा अंततः मरीज की मृत्यु होना कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है।यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि आम जनता के विश्वास एवं स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है। दोषियों पर कार्रवाई न होना भविष्य में ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देगा।

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