सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसव के दौरान एक महिला और उसके नवजात शिशु की मौत हो गई। मृतका की पहचान हाथीसिरिंग गांव निवासी स्वास्थ्य सहिया विनीता बानरा के रूप में हुई है। परिजनों का दावा है कि प्रसव के दौरान कोई भी डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं था, नर्सों ने अकेले ही कमान संभाली। जब स्थिति बिगड़ी, तब नर्सें मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर इलाज करने की कोशिश कर रही थीं।
सरायकेला के राजनगर अस्पताल में टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में ऑपरेशन किए जाने की शर्मनाक और अत्यंत गंभीर घटना पर कड़ा संज्ञान लिया गया है। यह न केवल चिकित्सा व्यवस्था की बड़ी विफलता है, बल्कि मानवता को झकझोर देने वाली लापरवाही भी है।इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक को निलंबित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि बिना किसी ढिलाई के कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें।सिविल सर्जन को भी सख्त चेतावनी दी गई है कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी गंभीरता और जवाबदेही के साथ करें, अन्यथा उनके विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।यह भी स्पष्ट किया गया है कि अस्पताल में डीजी सेट और इन्वर्टर जैसी वैकल्पिक बिजली व्यवस्था उपलब्ध होने के बावजूद इस तरह की घटना होना पूरी तरह अस्वीकार्य है और किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने दो टूक कहा —आपको जनता की सेवा के लिए नियुक्त किया गया है, न कि लापरवाही के लिए। इस तरह की गैरजिम्मेदारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गरीबों की जान के साथ खिलवाड़ हमें भीतर तक झकझोर देता है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।”
उपायुक्त, सरायकेला को पूरे मामले की विस्तृत जांच करने तथा सदर अस्पताल का नियमित औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सतत निगरानी रखी जा सके।साथ ही सभी ANM एवं GNM को भी अपने कार्य के प्रति पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया है।सरकार का स्पष्ट संदेश है — लापरवाही नहीं चलेगी, हर हाल में सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित की जाएगी।




