दुमका की एमपी-एमएलए की विशेष अदालत ने कांग्रेस के पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव को 2010 के देवघर हंगामा मामले में IPC धारा 225 के तहत 1 साल की सजा सुनाई, लेकिन तुरंत जमानत मिल गई। आरोप था कि उन्होंने पुलिस कस्टडी से लोगों को छुड़ाया था।15 सितंबर 2010 को देवघर को सूखा क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर प्रदीप यादव के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ।आरोप के मुताबिक, हिरासत में रखे गए प्रदर्शनकारियों को उन्होंने देवघर स्टेडियम से जबरन छुड़ा लिया और बाद में देवघर मंडल कारा के सामने सड़क जाम कर दिया। पुलिस पहुंचने पर वे समर्थकों के साथ वहां से चले गए। मामले में आज फैसले के बाद प्रदीप यादव ने कहा कि वे इस निर्णय से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि सुनवाई के दौरान ऐसा कोई नाम सामने नहीं आया, जिसे उन्होंने कस्टडी से छुड़ाया हो।उन्होंने बताया कि वे इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेंगे। वहीं उनके वकील शंकर बसईवाला ने भी पुष्टि की कि एक साल की सजा के बाद उन्हें जमानत मिल गई है और अब इस फैसले को चुनौती दी जाएगी।




