रांची / डिब्रूगढ़: झारखण्ड की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने सोमवार को असम विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान आयोजित सभाओं को संबोधित किया।शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा है कि जिस राज्य के मुख्यमंत्री के पास 12 हज़ार बीघा बेनामी जमीन है, उसी राज्य में आदिवासी परिवारों को एक बीघा जमीन का भी पट्टा नहीं मिल पा रहा है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक स्थिति है।आज आदिवासियों की जमीन उद्योगपतियों को सौंपने की कोशिश की जा रही है, जबकि आदिवासी समाज की असली पहचान उनका जल, जंगल और ज़मीन है। जब तक जल-जंगल-ज़मीन सुरक्षित है, तभी तक आदिवासी अस्मिता सुरक्षित है।हमारी लड़ाई आदिवासी समाज के अधिकार, सम्मान और उनकी जमीन की रक्षा के लिए है। कांग्रेस की सरकार बनने पर आदिवासियों को उनकी जमीन का अधिकार, पट्टा और सुरक्षा सुनिश्चित किया जाएगा।
इसके अलावा शिल्पी नेहा तिर्की ने आज अपने असम के चुनावी दौरे में चाय बगान के लोगों से मुलाकात की।शिल्पी नेहा तिर्की ने बताया ये मुलाकात काफी भावुक रहा। हमारे चाय बगान के भाई-बहनों ने अपना दर्द खुलकर बताया।2016 में भाजपा सरकार ने वादा किया था कि मजदूरी बढ़ाकर ₹351 किया जाएगा, लेकिन आज तक वो वादा पूरा नहीं हुआ।अब यहाँ के चाय बगान के लोगों ने मन बना लिया है — इस बार कांग्रेस को फिर से सत्ता में लाना है और अपने हक और अधिकार वापस लेना है।




