सिमडेगा: सिमडेगा सदर प्रखंड के थोलकोबेरा ग्राम संगठन की महिमा मिंज, एडेन लकड़ा और फिरमिला लकड़ा ने मशरूम उत्पादन से आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। साल 2017 में जेएसएलपीएस के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने छोटे ऋण लेकर आजीविका गतिविधियाँ शुरू कीं।मार्च 2025 में 10 दिवसीय आवासीय मशरूम प्रशिक्षण के बाद तीनों ने समूह से 10-10 हजार रुपये का ऋण लेकर सामूहिक रूप से मशरूम उत्पादन शुरू किया। स्थानीय बाजार और विभिन्न स्टॉलों के माध्यम से उन्होंने उत्पाद की बिक्री की।सिर्फ 2–3 महीनों में उन्होंने 80 से 90 हजार रुपये तक का मशरूम विक्रय किया और क्षेत्र में “मशरूम वाली दीदी” के रूप में पहचान बनाई। आज वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हैं और अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दे पा रही हैं।तीनों अपनी सफलता का श्रेय सखी मंडल और प्रशिक्षण सहयोग को देती हैं।




