“फूलो-झानो आशिर्वाद अभियान” ने बदल दी हजारों ग्रामीण महिलाओं की ज़िंदगी,50 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार

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jharkhand sakhi mandal ki mahilaen

झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी “फूलो-झानो आशिर्वाद अभियान” ने बदल दी हजारों ग्रामीण महिलाओं की ज़िंदगी.राज्य के विभिन्न जिलों में हड़िया-दारू के निर्माण और बिक्री से जुड़ी लगभग 50 हज़ार से अधिक महिलाओं ने अब इस कार्य को पूरी तरह छोड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया है।झारखंड सरकार के सहयोग और निरंतर मार्गदर्शन से इन महिलाओं को वैकल्पिक आजीविका के अवसर मिले – किसी ने दुकान खोली, किसी ने पशुपालन, बकरीपालन, सब्ज़ी उत्पादन या हस्तशिल्प का कार्य शुरू किया। आज ये सभी महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हैं और समाज में सम्मानजनक जीवन जी रही हैं।राज्य भर में 2.92 लाख सखी मंडलों का गठन कर 32 लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को जोड़ा गया है। उन्हें कृषि, गैर-कृषि, पशुपालन, वनोपज, कौशल प्रशिक्षण आदि के माध्यम से आजीविका के विभिन्न साधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।

फूलो झानो आशीर्वाद अभियान के तहत हजारों महिलाओं को वैकल्पिक, सम्मानजनक आजीविका के अवसर प्राप्त हुए हैं। वहीं पलाश ब्रांड के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार में नई पहचान मिली है, जिससे लाखों ग्रामीण महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। राज्यभर में संचालित 43 पलाश मार्ट के माध्यम से अब तक 50 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया गया है।इसके अतिरिक्त, सखी मण्डल की महिलाओं को क्रेडिट लिंकिंग से जोड़ा जा रहा है, जिससे उन्हें स्वरोजगार शुरू करने और उसका विस्तार करने हेतु आसानी से ऋण उपलब्ध हो रहा है। अब तक सखी मंडलों को लगभग ₹14,077 करोड़ की बैंक क्रेडिट लिंकिंग राशि उपलब्ध कराई गई है। साथ ही, लखपतिदीदी पहल के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं को दो या दो से अधिक आजीविका के साधनों से जोड़ा जा रहा है, जिससे उनकी वार्षिक आय ₹1 लाख से अधिक हो सके। ये सफल “लखपति दीदी” अब अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।

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