Bihar : मोतिहारी में जहरीली शराबकांड में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है। छह लोग अपनी आंखों की रोशनी गंवा चुके हैं। अभी तक मामले में करीब 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक चौकीदार को भी गिरफ्तार किया गया है। आशंका जताई जा रही है कि करीब 30 से 40 लोगों ने इस जहरीली खेप का सेवन किया है, जिससे मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है.
राजद नेता तेजस्वी यादव एक्स पर दी प्रतिक्रिया, मोतिहारी में जहरीली शराब के कारण 4 लोगों की मौत, 6 लोगों की आंखों की रोशनी चले जाना और कई लोगों की हालत गंभीर होना अत्यंत दुखद है। यह घटना एक बार फिर एनडीए सरकार के शराबबंदी कानून की विफलता और उसकी गंभीर खामियों को उजागर करती है।हालांकि यह बिल्कुल भी पहली बार नहीं है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार शराबबंदी लागू होने के बाद से अब तक बिहार में जहरीली शराब से 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यह तो केवल सरकारी आंकड़ा है, हकीकत में यह संख्या इससे कहीं अधिक है। इतना ही नहीं, कई दर्जन लोग अपनी आंखों की रोशनी भी खो चुके हैं।शराबबंदी कानून का मूल उद्देश्य अब पूरी तरह भटक चुका है। यह कानून सत्ताधारी भाजपा-जदयू के कुछ नेताओं, भ्रष्ट अधिकारियों और उनके संरक्षण में पल रहे शराब माफियाओं व भ्रष्ट तंत्र के लिए कमाई का कमाऊ पूत बन गया है।बिहार में खुलेआम जहरीली शराब बन रही है, धड़ल्ले से पुलिस की मिलीभगत से बेची जा रही है, घर-घर होम डिलीवरी हो रही है। सरकार की नाक के नीचे यह सब चल रहा है और इसकी कीमत बिहार के गरीब और आम लोग अपनी जान देकर चुका रहे हैं।




