रांची: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने रांची में 9 अक्टूबर को होने वाले भारत-वेस्टइंडीज क्रिकेट मैच के टिकटों की कथित कालाबाजारी को लेकर सरकार और पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि टिकटों की कालाबाजारी खुलेआम चल रही है।मरांडी ने आरोप लगाया कि दिहाड़ी मजदूरों, रेजा-कुलियों और गरीब मजदूरों को लाइन में खड़ा कर टिकट खरीदे जा रहे हैं। इसके बाद इन्हीं टिकटों को कथित तौर पर दोगुने-तिगुने दाम पर बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह आम क्रिकेट प्रेमियों के साथ अन्याय है।भाजपा नेता ने रांची पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि टिकटों की कथित कालाबाजारी से संबंधित गतिविधियां कैमरे में कैद हो रही हैं और मीडिया में भी इसकी खबरें सामने आ रही हैं, इसके बावजूद पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को टैग करते हुए राजधानी रांची में चल रही कथित कालाबाजारी पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की। उन्होंने दलालों के खिलाफ कार्रवाई करने और पुलिस से यह जवाब मांगने की अपील की कि जब कथित तौर पर सबकुछ खुलेआम हो रहा है, तो कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।अपने पोस्ट में मरांडी ने सरकार पर तंज कसते हुए टिकटों की कालाबाजारी को लेकर गंभीर आरोप लगाए और सवाल किया कि क्या इस कथित अवैध कारोबार का हिस्सा भी ऊपर तक पहुंच रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।उन्होंने कहा कि मामला केवल टिकटों की कालाबाजारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे उन हजारों क्रिकेट प्रशंसकों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं, जो अपने परिवार और बच्चों के साथ मैच देखने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।मरांडी ने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप कर कथित टिकट दलालों के खिलाफ कार्रवाई करने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।



