रांची : गरीब परिवारों के बच्चों के दिल में छेद और जन्मजात हृदय रोग अब उनके बेहतर भविष्य की राह में बाधा नहीं बनेगा। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की विशेष पहल और संवेदनशील प्रयास से राज्य के 26 गरीब बच्चों का दूसरा बैच आज अत्याधुनिक हृदय उपचार एवं जटिल सर्जरी के लिए केरल के कोच्चि स्थित अमृता अस्पताल रवाना हुआ।इन बच्चों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। प्रत्येक बच्चे के उपचार पर लगभग 10 लाख रुपये तक का खर्च निःशुल्क कराया जा रहा है। इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अपने बच्चों के महंगे इलाज की चिंता से बड़ी राहत मिली है।
गरीब बच्चों के इलाज को बनाया प्राथमिकता
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि दिल में छेद जैसी जन्मजात बीमारी का इलाज और ऑपरेशन बेहद जटिल एवं महंगा होता है। गरीब परिवारों के लिए लाखों रुपये जुटाना लगभग असंभव होता है। आर्थिक मजबूरी के कारण कई बच्चे समय पर इलाज नहीं करा पाते और बीमारी धीरे-धीरे गंभीर होती जाती है।उन्होंने कहा कि गरीब बच्चों को पैसे के अभाव में इलाज से वंचित न होना पड़े, इसी उद्देश्य से यह पहल शुरू की गई है।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में झारखंड में सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर जिस स्तर पर काम होना चाहिए था, वह नहीं हो पाया। इसका सबसे अधिक असर गरीब परिवारों पर पड़ा।उन्होंने कहा कि जब वे विधायक थे, तभी उन्होंने संकल्प लिया था कि स्वास्थ्य विभाग में काम करने का अवसर मिला तो गरीब और जरूरतमंद बच्चों के इलाज को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करेंगे। आज उसी संकल्प को धरातल पर उतारने का काम किया जा रहा है।
पहले बैच के बच्चों का सफल इलाज, अब दूसरे बैच की बारी
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि इस पहल के तहत पहले बच्चों का एक बैच कोच्चि भेजा गया था। वहां उनका सफलतापूर्वक इलाज और ऑपरेशन हुआ तथा वे स्वस्थ होकर वापस लौटे हैं।उन्होंने कहा, “आज 26 बच्चों के दूसरे बैच को कोच्चि भेजा जा रहा है। हमारा प्रयास है कि झारखंड के किसी भी गरीब बच्चे को पैसे के अभाव में बेहतर इलाज से वंचित न होना पड़े।”उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों की जिंदगी बचाना और उन्हें स्वस्थ भविष्य देना ही इस पहल का मूल उद्देश्य है।
“मेरी प्राथमिकता जान बचाना और बच्चों को नया जीवन देना है”
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, “मेरी प्राथमिकता जान बचाना है, किसी बच्चे को नया जीवन देना है। मेरे छोटे से प्रयास से अगर किसी बच्चे की जिंदगी बचती है और किसी गरीब मां-बाप के चेहरे पर मुस्कान आती है, तो इससे बड़ी उपलब्धि मेरे लिए कुछ नहीं हो सकती।”उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया है कि ऐसे जरूरतमंद बच्चों की पहचान कर उन्हें बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए। उनका प्रयास है कि इलाज की सुविधा हर उस परिवार तक पहुंचे, जो आर्थिक कमजोरी के कारण अपने बच्चे का महंगा इलाज कराने में सक्षम नहीं है।
जनप्रतिनिधियों से स्वास्थ्य मंत्री की अपील
डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य के सभी सांसदों, विधायकों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि यदि उनकी पंचायत, गांव या क्षेत्र में कोई ऐसा बच्चा है जिसके दिल में छेद है या वह गंभीर जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित है और उसका परिवार इलाज कराने में आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है, तो ऐसे बच्चों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचाएं।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसे बच्चों के इलाज की पूरी जिम्मेदारी उठाएगी।
झारखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था को जमीन पर बदलने का संकल्प
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ गरीब और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य व्यवस्था में बदलाव केवल कागज पर नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देना चाहिए। हर जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर बेहतर इलाज मिले, यही हमारा लक्ष्य है।”
नई तकनीक और नए एजेंडे के साथ आगे बढ़ रहा स्वास्थ्य विभाग :अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की पहल से गरीब बच्चों को अत्याधुनिक हृदय उपचार उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग नई तकनीक, नए एजेंडे और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। गरीब बच्चों को अत्याधुनिक उपचार उपलब्ध कराकर उन्हें स्वस्थ जीवन की ओर ले जाना विभाग की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है।उन्होंने कहा कि इन बच्चों के इलाज के लिए उनके परिवार को अपनी जेब से एक रुपये भी खर्च नहीं करना होगा।
मंत्री की संवेदनशील पहल से विभाग को नई दिशा : शशि प्रकाश झा
इस अवसर पर एमडी, एनएचएम शशि प्रकाश झा ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की संवेदनशीलता और दूरदर्शी सोच से स्वास्थ्य विभाग को जरूरतमंद लोगों के लिए और बेहतर काम करने की प्रेरणा मिल रही है।उन्होंने कहा कि जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को समय पर अत्याधुनिक उपचार उपलब्ध कराना विभाग की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है और इस अभियान को आगे भी जारी रखा जाएगा।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री की पहल का उद्देश्य स्पष्ट है—गरीबी किसी बच्चे के इलाज में बाधा न बने और हर जरूरतमंद बच्चे को स्वस्थ जीवन का अवसर मिले।इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। रेलवे के डीआरएम सहित रेलवे विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी बच्चों को कोच्चि रवाना करने की प्रक्रिया में सहयोग किया।स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की इस पहल से उन गरीब परिवारों के बीच उम्मीद की नई किरण जगी है, जिनके लिए अपने बच्चों के महंगे हृदय उपचार का खर्च उठाना संभव नहीं था। सरकार की यह पहल इन बच्चों के लिए सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और बेहतर भविष्य की नई शुरुआत है।




