रांची: 107 प्रखंडों में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और अंचल अधिकारी (CO) की जिम्मेदारी एक ही अधिकारी को सौंपने के राज्य सरकार के निर्णय पर विधायक मनीष जायसवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि अधिकारियों की कमी को छिपाने का प्रयास है।मनीष जायसवाल ने कहा कि राज्य में पहले से ही म्यूटेशन, दाखिल-खारिज, जाति, आय और आवासीय प्रमाण-पत्र जैसे महत्वपूर्ण कार्य लंबे समय से लंबित रहते हैं। ऐसे में एक ही अधिकारी पर दो विभागों की जिम्मेदारी डालने से प्रशासनिक कार्यों में और देरी होगी तथा आम जनता की परेशानियां बढ़ेंगी।उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता को मजबूत और जवाबदेह प्रशासन की आवश्यकता है, न कि ऐसे प्रयोगों की, जिनसे व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़े। सरकार को चाहिए कि वह इस निर्णय पर पुनर्विचार करे और रिक्त प्रशासनिक पदों पर शीघ्र नियुक्तियां सुनिश्चित करे।मनीष जायसवाल ने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराते हुए प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करना ही राज्यहित में होगा। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी और सुचारु बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।




