भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने एक्स पर एक बार फिर हेमन्त सरकार को घेर लिया है ”झारखंड में आजकल महत्वपूर्ण पद एवं मालदार पद का पैमाना उस व्यक्ति की भ्रष्टाचार में योग्यता के आधार पर ही होता है। डीएमएफटी में घोटाला के लिये पहले से बदनाम बोकारो जिले की हालत देखिये।बोकारो जिले के DMFT में पदस्थापित अपर डिविजन क्लर्क राजेश पांडेय को 28 अगस्त की रात को नकद 51 लाख रुपये के साथ पकड़ा गया था। पुलिस ने पैसे तो जब्त किए लेकिन आयकर विभाग को मामला अग्रसरित कर उसे गिरफ्तार नहीं किया।अब जानकारी मिल रही है कि बोकारो जिला प्रशासन ने आयकर की जांच के दायरे में फंसे लखपति क्लर्क को फिर से DMFT में पदस्थापित कर दिया है। इसके अलावा दर्जन भर कर्मचारियों को छह महीने के अंतराल पर फिर से वहीं पदस्थापित कर दिया गया है, जहां से उन्हें हटाया गया था।आख़िर वह कौन-सी मजबूरी है, जिसके तहत आयकर जांच के दायरे में आए कर्मचारी को फिर से DMFT जैसे मलाईदार विभाग में पोस्टिंग दी गई? जनता सब खेल देख रही है। जब कानून का डंडा चलेगा, जांच एजेंसियों की कारवाई शुरू होगी तो भ्रष्टाचारियों के ‘शेरदिल’ तुरंत ‘बुजदिल’ बन कर भागते फिरेंगे।”




