गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 25 लाख रुपये के इनामी कुख्यात माओवादी अजय महतो उर्फ टाइगर उर्फ बासुदेव को गिरफ्तार कर लिया है। उसके साथ दो अन्य माओवादियों को भी हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।जानकारी के अनुसार, गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर गठित विशेष टीम और सुरक्षा बलों ने संयुक्त अभियान चलाया। यह कार्रवाई हरलाडीह थाना क्षेत्र के हरलाडीह गांव में की गई, जहां अजय महतो करमू मांझी नामक व्यक्ति के घर में छिपा हुआ था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर इलाके की घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
पुलिस के मुताबिक, अजय महतो पर हत्या, लेवी वसूली (रंगदारी), पुलिस पार्टी पर घात लगाकर हमला, लूट और आईईडी (IED) विस्फोट जैसी 100 से अधिक गंभीर आपराधिक घटनाओं में संलिप्त होने के मामले दर्ज हैं। वह पारसनाथ पहाड़ी क्षेत्र का जोनल कमांडर था और गिरिडीह, बोकारो, धनबाद तथा हजारीबाग के सीमावर्ती इलाकों में लंबे समय से सक्रिय था। इन क्षेत्रों में उसका खासा आतंक माना जाता था।
अजय महतो का नाम वर्ष 2012 में मधुबन स्थित भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी के तत्कालीन महाप्रबंधक पी.सी. शर्मा की हत्या के मामले में भी सामने आया था। इसके बाद से वह लगातार फरार चल रहा था। वह केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में भी शामिल था।गिरिडीह जिला प्रशासन की सिफारिश पर गृह विभाग पहले ही उसके खिलाफ देशद्रोह और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी दे चुका है।




