झारखण्ड : सावित्रीबाई फुले किशोरी योजना से 9 लाख में 7.29 लाख बच्चियों को जोड़ा जा चुका

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सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की एक महत्वाकांक्षी योजना है इसके तहत बालिकाओं को 8वीं कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य के कुछ जिलों में इस योजना का लाभ देने की शुरुआत भी कर दी गई हैं। झारखंड के निवासी हमारा यह आर्टिकल अवश्य पढ़ें। क्योंकि आज हम आपको अपने इस आर्टिकल में नीचे इस योजना से जुड़ी हर एक बात बताने जा रहे हैं जिसे पढ़कर आप अपनी बालिका को सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ आसानी से ले सकते हैं। झारखंड सरकार द्वारा अपने राज्य की बालिकाओं शिक्षा से जोड़ने के लिए सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना को आरंभ किया है। इस योजना के तहत 8वीं एवं 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली लाभार्थी लड़कियों को 2500 रुपए और 10वीं, 11वीं और 12वीं में पढ़ने वाली को ₹5000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा 18 साल की आयु पूरी कर लेने के बाद लाभार्थी बालिकाओं को ₹20000 का एकमुश्त अनुदान भी दिया जाएगा। एकमुश्त अनुदान की राशि को बालिकाएं अपनी उच्च शिक्षा या शादी में इस्तेमाल कर सकती हैं। इस योजना के माध्यम से राज्य की SECC-2011 जनगणना के अंतर्गत शामिल 27 लाख परिवारों और 10 लाख अंत्योदय कार्ड धारक परिवारों की बालिकाओं को लाभान्वित किया जाएगा। यानी कुल मिलाकर 37 लाख परिवारों की बेटियां इस योजना के माध्यम से लाभ की प्राप्ति कर सकेंगी। सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना 2023 के तहत लाभान्वित होकर बालिकाएं निरंतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी। जिससे बाल विवाह पर रोक लगेगी और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को बढ़ावा मिलेगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को किस्तों आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाकर शिक्षा से जोड़े रखना है। क्योंकि राज्य की कई ऐसी बालिकाएं हैं जो शिक्षा प्राप्त करना तो चाहती हैं लेकिन अपने परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह जाती हैं। लेकिन अब सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के माध्यम से पात्र परिवारों की बालिकाएं 8वीं कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक कक्षावार वित्तीय सहायता प्राप्त करके शिक्षित हो सकेंगे। जिसके परिणाम स्वरुप राज्य में शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और बाल विवाह पर रोकथाम लगेगी। सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना से प्रधानमंत्री के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को भी बढ़ावा मिलेगा। जिससे राज्य में बेटियों की रक्षा व सुरक्षा के स्तर में सुधार आएगा।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्य के बेटियों के चेहरे पर मुस्कान लाने के उद्देश्य से सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना की शुरुआत की है. इसके तहत राज्य सरकार 19 साल पूरे होने तक छात्राओं को कुल 40 हजार रुपये देगी. सरकार ने राज्य की नौ लाख छात्राओं को सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत आर्थिक लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया है. वर्तमान में छह लाख 51 हजार से अधिक किशोरियों को इस योजना से जोड़ा गया है.
देश की पहली महिला शिक्षिका, महान समाज सेविका सावित्रीबाई फुले के नाम से शुरू हुई सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ राज्य की किशोरियों को दिया जा रहा है. राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए बजट में 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है.राज्य सरकार किशोरी समृद्धि योजना के तहत छात्राओं को शिक्षा से जोड़ते हुए उनमें आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास में जुटी है. इस योजना के तहत राज्य सरकार आठवीं और नौंवी कक्षा में पढ़ने वाली छात्राओं को 2500-2500 रुपये प्रति छात्रा मिलेगी. इसके अलावा 10वीं, 11वीं और 12वीं के छात्राओं को पांच-पांच हजार रुपये की राशि मिलेगी. वहीं, जब छात्रा 18 से 19 साल की उम्र में पहुंचेगी, तो उन्हें एकमुश्त 20 हजार रुपये की राशि दी जाएगी. इस तरह से राज्य सरकार किशोरियों को 40 हजार रुपये देगी. किशोरियों इस योजना का लाभ लेने के लिए अपने स्कूल के अलावा नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर आवेदन प्राप्त कर सकती है. इसके अलावा प्रखंड विकास पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कार्यालय में जाकर भी जानकारी प्राप्त कर सकती है. वहीं, आधिकारिक वेबसाइट jharkhand.gov.in पर जाकर वहां से पीडीएफ प्राप्त कर आवेदन भरकर इस योजना का लाभ उठा सकती है.

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