रांची :18 फरवरी को एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी की झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने भी जाति-आधारित सर्वेक्षण कराने की मंजूरी दे दी है.इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार करने के आदेश सीएम ने कार्मिक विभाग को जारी कर दिया है .झारखंड जाति-आधारित सर्वेक्षण करने वाला देश का दूसरा राज्य है. पहला स्थान बिहार का है.सीएम ने जाति-आधारित सर्वेक्षण के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिड्यूर (SoP) तैयार करने की पूरी जिम्मेदारी कार्मिक विभाग को दे दी है.जाति-आधारित सर्वेक्षण कराने की मंजूरी देते हुए सीएम ने कहा कि ”जिसकी जितनी संख्या भारी!,उसकी उतनी हिस्सेदारी! झारखंड है तैयार !!”।बता दें कि पिछले साल 2023 के नवंबर में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने राजस्थान में चुनावी रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि ”आपको आपकी सच्ची जनसंख्या केंद्र सरकार नहीं बताना चाहती. कम से कम ओबीसी की आबादी देश में 50 फीसदी है.जाति जनगणना होनी चाहिए.”मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे ने बताया कि “झारखंड में (जाति-आधारित) सर्वेक्षण कराने के लिए कार्मिक विभाग मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करेगा। इसे मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा।” उन्होंने कहा कि जाति-आधारित सर्वेक्षण पड़ोसी राज्य बिहार की तर्ज पर किया जाएगा, जहां पिछले साल 7 जनवरी से 2 अक्टूबर के बीच आंकड़ों का संग्रह किया गया था।



