उत्पाद सिपाही परीक्षा पेपर लीक मामले में रांची पुलिस ने 164 लोगों को गिरफ्तार किया है.अब मामले पर डुमरी विधायक जयराम महतो ने प्रतिक्रिया दी है. जयराम महतो ने कहा,झारखंड गठन के बाद झारखंड के नेता JPSC-01 से लेकर अनेक घोटाले को रोक पाने में सफल हुए होते तो आज उत्पाद सिपाही की बहाली में पेपर लीक देखने को नहीं मिलता।राजनेताओं को जिम्मेदारी एक स्वच्छ और साफ़-सुथरा चयन प्रणाली बनाने की थी। इसके उलट वो अपने सगे संबंधियों की नियुक्ति करवाने में लग गए। कोई DSP बना दिए, कोई BDO और CO ये तो छोड़ दीजिए बड़े बड़े नेता अपने परिजन को मास्टर बनाने से भी नहीं चुके। इस भ्रष्टाचार के भयावह अंजाम झारखंडी युवा भुगत रहे हैं।
जयराम महतो ने कहा, सरकार आज भले दावा कर रही है कि उत्पाद सिपाही नियुक्ति में पेपर लीक नहीं हुआ है। लेकिन कुछ तो हुआ है। धुँवा दिखाई पड़ रहा है तो आग तो जरूरी होगी।सरकार अभी दो निर्णय ले – पहला पूर्व के सभी नियुक्ति घोटाले की जाँच को एक समय सीमा के अंदर पूर्ण करे ताकि दोषियों में भय हो और दूसरी बीते कल उत्पाद सिपाही की पेपर लीक वाले मामले कि जाँच CBI से करवाने की अनुशंसा केंद्र सरकार को अविलंब भेजे.
जयराम महतो ने आगे कहा, जाँच ऐसी हो जो ससमय अंजाम तक पहुँचे। आज लगभग 15 वर्षों से JPSC घोटाले की जाँच जारी है। इस बीच राज्य के बड़े-बड़े पदों पर CBI के चार्जशीट में दोषी आरोपी महत्वपूर्ण अधिकारी बने हुए हैं।जिस पदाधिकारी का एक पैर जेल में हो वो तो जल्द से जल्द अकूत संपत्ति इकट्ठा कर लेना चाहेगा। कई लोग IPS भी बन गए, कई लोग IAS भी बनने वाले हैं। ऐसे जाँच का क्या लाभ जिसमें सजा सेवानिवृत्ति के बाद मिले…




