शनिवार 9 मार्च को कई स्थानों पर छापेमारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के करीबी सुभाष यादव को पटना से गिरफ्तार कर लिया। उन्हें आज अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।लालू प्रसाद के सहयोगी की गिरफ्तारी तब हुई जब जांच एजेंसी को राज्य में यादव और उनके सहयोगियों के आधा दर्जन परिसरों की तलाशी के दौरान लगभग ₹2.3 करोड़ नकद मिले।गौरतलब है कि बिहार पुलिस द्वारा ब्रॉडसंस कमोडिटीज प्राइवेट लिमिटेड (बीसीपीएल) नामक कंपनी के खिलाफ 20 एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद ‘अवैध’ रेत खनन मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच शुरू हुई।इसके निदेशकों पर आरोप है कि वे ई-चालान का उपयोग किए बिना रेत के अवैध खनन और बिक्री में लगे हुए थे।ईडी की जांच के अनुसार, मामले में 161 करोड़ रुपये की अपराध आय अर्जित की गई थी।ईडी के अनुसार, कथित अवैध रेत व्यापार को एक सिंडिकेट द्वारा नियंत्रित किया जाता है जिसने ब्रॉडसन कमोडिटीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में धन का निवेश किया था। कथित तौर पर, सिंडिकेट अवैध रूप से रेत बेचकर लाभ कमाता है।



