Gujarat: PM मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले शख्स को हाईकोर्ट ने बेल देने से किया इंकार , कहा ‘कोई PM मोदी को पसंद या नापसंद कर सकता, लेकिन अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं’

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गुजरात : हाई कोर्ट ने पीएम मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने के आरोपी एक व्यक्ति को जमानत देने से इनकार कर दिया।अजमलभाई लखानी के पीएम मोदी और उनकी मां के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने पर पिछले साल दिसंबर में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने देवुभाई गढ़वी की शिकायत पर उसे गिरफ्तार किया था। मामले में कोर्ट ने कहा कि कोई पीएम को पसंद या नापसंद करने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन किसी को उनके खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। गुजरात हाई कोर्ट के सिंगल बेंच के न्यायाधीश न्यायमूर्ति निर्जर देसाई ने अफजलभाई लखानी बनाम स्टेट ऑफ गुजरात केस में सुनवाई करते हुआ कहा कि ‘कोई पीएम मोदी को पसंद या नापसंद कर सकता, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह देश के प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां के लिए अपमानजनक और अपमानजनक भाषा का प्रयोग कर सकता है।”कोर्ट ने कहा कि अफजलभाई द्वारा बनाए गए फेसबुक पेज ‘गुजरात त्रस्त भाजपा मस्त’ में पीएम और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट के साथ पोर्नोग्राफी और अश्लील मैटेरियल भी पोस्ट किया है। साथ ही पेज पर पाकिस्तान के समर्थन करने वाले और भारत विरोधी पोस्ट भी हैं। इन पोस्ट का सामाजिक सद्भाव पर बड़ा असर पड़ सकता है। कोर्ट ने आगे कहा कि पीएम के खिलाफ की टिप्पणी इनती अपमानजनक है कि उनका उल्लेख अपने आर्डर में नहीं कर सकता।ऐसा व्यक्ति जमानत देने पर नकली आईडी बनाकर इस तरह का अपराध फिर से कर सकता है। सोशल मीडिया पर पोस्ट करके नुकसान कर सकता है। बड़ा नुकसान हो जाने के बाद ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार करने और उसे दंडित करने का कोई मतलब नहीं है। अपराध के लिए अधिकतम सजा भले ही पांच साल की सजा पर विचार किया जा रहा है, लेकिन मुझे अभी आरोपी पर कोई नरमी दिखाने और उसे जमानत देने की वजह नहीं दिखता है।

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