9 नवंबर 2026 से पूरे भारत में कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 543 ब्रांडेड दवाओं की संशोधित अधिकतम खुदरा कीमतें (MRP) लागू होने जा रही हैं, जिसके तहत 397 दवाओं के दामों में 93% तक की भारी कटौती देखी गई है।सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने यह बड़ा फैसला लिया है। अब तक अस्पताल और थोक विक्रेता इन जीवन रक्षक दवाओं को कंपनियों से बेहद कम दाम में खरीदकर मरीजों को डिब्बे पर छपी भारी MRP पर बेचते थे, जिससे वे 400% से 900% तक का मुनाफा कमाते थे। सरकार के नए नियम के तहत कोई भी अस्पताल या डिस्ट्रीब्यूटर खरीद मूल्य पर 30% से अधिक का मुनाफा नहीं जोड़ पाएगा।इस ऐतिहासिक फैसले से देश भर के कैंसर पीड़ित परिवारों को हर साल करीब 800 करोड़ रुपये की सीधी बचत होने का अनुमान है। कुल 543 ब्रांडेड दवाओं में से 397 दवाओं के दाम 93% तक घट गए हैं। बची हुई 146 दवाओं के दाम वैसे ही रहेंगे क्योंकि उनका मुनाफा पहले से ही 30% की सीमा के अंदर था।सुप्रीम कोर्ट (SC) ने केंद्र सरकार और निजी अस्पतालों को इस मामले में बेहद कड़ी फटकार लगाई थी और दवाओं की कीमतों में इस अंधाधुंध मुनाफे को “दिनदहाड़े डकैती” (Broad daylight dacoity) और “नरसंहार” (Carnage) तक कह दिया था।




