झारखण्ड: मुनमुन कुमारी बोकारो जिले के चंदनकियारी प्रखंड की रहने वाली हैं। आठ सदस्यों वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवार में केवल उनके पिता ही कमाने वाले थे। ऐसे में मुनमुन हमेशा से चाहती थीं कि वह भी अपने परिवार का सहारा बनें और एक बेहतर जीवन जी सकें।उनकी ज़िंदगी में एक नया मोड़ तब आया जब उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना DDUGKY के तहत सिलाई मशीन ऑपरेटर का प्रशिक्षण प्राप्त किया और फिर बेंगलुरु स्थित शाही एक्सपोर्ट्स, यूनिट में उन्हें नौकरी मिल गई, जहाँ वे अब प्रति माह लगभग ₹15,000 रूपए कमा रही हैं।गाँव से शहर आने और नए माहौल में ढलने की शुरुआती कठिनाइयों के बावजूद मुनमुन ने हर चुनौती का डटकर सामना किया। आज वह अपने परिवार का आर्थिक सहयोग कर रही हैं और अपने छोटे भाई-बहन की पढ़ाई में भी मदद कर रही हैं।




