लम्बे समय से चल रही मोरहाबादी मैदान में धरना पर बैठे सहायक पुलिसकर्मी सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष आज विधानसभा तक जा पहुंचे। आप को बता दे की सहायक पुलिसकर्मी विधानसभा सुरक्षा घरो को तोरते हुए विधानसभा के नजदीक धरना स्थल पर जा पहुंचे।झारखंड सहायक पुलिस कर्मी की सब्र का बांध अब टूट रहा है. उन लोगो को अब यही रास्ता अपनाना बचा था।सभी सहायक पुलिसकर्मी का कहना है की 2017 में उनकी बहाली हुई थी.और उस समय 10 हजार रुपये मासिक दिया जाता था. आज भी वही 10 हजार है ये 10 हजार से गुजरा करना बहुत मुश्किल हो रहा है। उनकी मांग है की उनकी मासिक आय बढ़ाया जय और उन्हें भी परमेन्ट किया जाये आज लगातार 10 दिन से मोराबादी मैदान में धरना पर बैठने के बाद आज सब्र का बांध टुटा और विधानसभा के दहलीज तक पहुंये। ताकि वहा पर सहायक पुलिसकर्मियों पर किसी मुख्यमंत्री और तमाम विधायक का नजर पड़े, उनकी बातो को सुने। जो वादा हेमंत सोरेन ने किया था. उस वादे को याद करे हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री बने 4 साल गुजर गए. लेकिन उनकी मांगों को अब तक नही सुनी गई है।




