हजारीबाग। हजारीबाग अवस्थित खिरगांव कब्रिस्तान में दो लावारिस मैयत (लाश) को रविवार को ससम्मान सुपुर्द -ए- खाक किया गया जिसकी सारी जिम्मेवारी सीरत कमेटी (लावारिस मैयत) ने उठाई। मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार पूरे विधि विधान के साथ दोनों मैयत को दफनाया गया इस अवसर पर खिरगांव कब्रिस्तान में जनाजे की नमाज अदा की गई जनाजे की नमाज नायब इमाम अजमेरी मस्जिद चिश्तिया मोहल्ला हजारीबाग के नायब इमाम मौलाना शमशेर ने अदा की तत्पश्चात दोनों मैयत को सम्मान के साथ कब्र में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस मौके पर कमेटी के सदर मोहम्मद मुर्तजा हसन ने बताया कि 1965 ई. से सीरत कमेटी लावारिस मैयत को ससम्मान दफन करने का काम बखूबी अंजाम देती आ रही है हम लोग सूचना मिलने पर मुस्लिम मैयत (लाश) को दफन करते आ रहे हैं उन्होंने बताया कि आज अस्पताल प्रबंधन के द्वारा हम लोगों को इसकी सूचना दी गई जिसके बाद फौरन हरकत में आते हुए हम लोगों ने इस काम को बखूबी अंजाम दिया। सीरत कमेटी के सचिव साबिर अली कुरैशी ने कहा कि जिस प्रकार से सम्मान के साथ जीने का अधिकार सभी को मिला है उसी को मद्देनजर नजर रखते हुए जिंदगी के सफर की आखिरी मंजिल कब्रिस्तान में भी सम्मान के साथ हम लोगों के द्वारा मैयत को दफन करने का काम (अंतिम संस्कार) बखूबी अंजाम देते आ रहे हैं। बताया कि इसकी सारी जिम्मेदारी कमेटी के लोगों के ऊपर है हम लोग सभी के सहयोग से मिलकर इस काम को अंजाम देते आ रहे हैं। मैयत के कफन दफन और जनाजे की नमाज को अदा करने में कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद मुर्तजा हसन, सचिव साबिर अली कुरेशी, मोहम्मद असलम अंसारी, गुलाम मोईनुद्दीन, मोहम्मद सज्जाद ,मोहम्मद मुनाजिर, मोहम्मद अशरफ एवं मोहम्मद हकीम शामिल थे।



