दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज दिल्ली शराब नीति घोटाले मामले से संबंधित जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश नहीं हुए। उन्हें सुबह करीब 11 बजे जांच एजेंसी के सामने पेश होना था।केजरीवाल, पंजाब के सीएम भगवंत मान के साथ, आगामी विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार करने के लिए मध्य प्रदेश के सिंगरौली चले गए।ईडी के सहायक निदेशक को लिखे अपने पत्र में,केजरीवाल ने लिखा है कि यह साफ नहीं है कि आपने मुझे किस नाते संबंध भेजा है, एक गवाह के तौर पर या फिर संदिग्ध के तौर पर. मुझे समन में डिटेल भी नहीं दी गई. उन्होंने आगे लिखा है कि यह भी नहीं बताया गया कि मुझे व्यक्तिगत तौर पर बुलाया गया है या फिर मुख्यमंत्री के तौर पर या फिर आम आदमी पार्टी के मुखिया के तौर पर. यह आरोप लगाते हुए कि समन भाजपा के इशारे पर जारी किया गया था, केजरीवाल ने कहा, “उक्त समन प्रेरित और अनावश्यक विचारों के लिए जारी किया गया प्रतीत होता है। समन के साथ ही 30.10.2023 की दोपहर में भाजपा नेताओं ने बयान देना शुरू कर दिया कि जल्द ही मुझे तलब किया जाएगा और गिरफ्तार किया जाएगा. उस दिन शाम तक मुझे आपका सम्मन प्राप्त हुआ।”
वहीं रांची जमीन घोटाला मामले में झारखण्ड सीएम हेमंत सोरेन को पूछताछ के लिए कई बार ईडी समन भेज चुकी है लेकिन सीएम हेमंत लगातार समन पर पेश नहीं हो रहे हैं .ईडी के एडिशनल डायरेक्टर को लिखे पत्र में झारखण्ड सीएम हेमंत सोरेन भी केंद्र सरकार के निर्देश पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया है.साथ ही ईडी से कहा है कि मैं उपरोक्त समन को तुरंत वापस लेने का अनुरोध करता हूं, अन्यथा कानूनी कार्रवाई करने को बाध्य होउंगा। हेमंत सोरेन ने 23 सितंबर को झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की.सोरेन ने याचिका में मांग की है कि ईडी के समन पर रोक लगाई जाए। ईडी द्वारा उन्हें समन भेजने के अधिकार क्षेत्र पर भी सोरेन ने सवाल उठाए। हेमंत सोरेन का आरोप है कि बदले की भावना से उनके खिलाफ यह कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले ईडी ने कथित रक्षा जमीन घोटाले में भी सोरेन को समन जारी किया था लेकिन तब भी सोरेन ईडी के समक्ष पेश नहीं हुए थे।झारखंड हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सीएम कि और से वरिष्ठ अधिवक्ता पी. चिदंबरम ने कहा था कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं हैं और न ही उनपर जांच एजेंसी ईडी ने कोई एफआईआर दर्ज की है, इसलिए उन्हें समन भेजा जाना सही नहीं है.पी. चिदंबरम ने कहा था कि एजेंसी सोरेन को गवाह के रूप में बुला रही है या फिर आरोपी के रूप में, यह स्पष्ट नहीं है. उन्होंने हाईकोर्ट से ईडी की ओर से भेजे जा रहे समन पर रोक लगाने का आग्रह किया.



