सखीमंडल की महिलाओं द्वारा हस्तनिर्मित राखी खरीदकर बहनों को प्रोत्साहित करने के लिए झारखण्ड सीएम ने सभी से आग्रह किया

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फूलोझानों आशिर्वाद अभियान अंतर्गत दीपशिखा जैसी हजारों ग्रामीण महिलाएं जो कभी मजबूरीवश हड़िया-दारू निर्माण एव बिक्री से जुड़ी थी। आज सखीमंडल से जुड़कर और सहायता राशि के साथ साथ अन्य सहयोग प्राप्त कर सम्मानजनक वैकल्पिक आजीविका शुरू कर आत्मनिर्भर बन रहीं है।गिरिडीह के पीरटांड़ प्रखंड निवासी भगिया देवी जोहार परियोजना अन्तर्गत वैज्ञानिक विधि से खेती, सही खाद-बीज के उपयोग आदि की जानकारी पाकर उच्चमूल्यकृषि कर रहीं हैं। आज टमाटर, मिर्च, बैंगन आदि सब्जियों की खेती से भगिया हर माह 30 से 40 हजार रु आय कर खुशहाल जीवन की ओर अग्रसर है।हर साल की तरह इस बार भी झारखण्ड के विभिन्न जिलों में JSLPS द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं खूबसूरत राखियां बना अपनी आजिविका बढ़ा रही हैं।सखी मंडल की बहनें हस्तनिर्मित राखियां तैयार कर रहीं हैं।इन महिलाओं द्वारा बनाई गई राखी और मिठाइयाँ पलाश ब्रांड के तहत पलाश मार्ट और स्टॉल में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।लोहरदगा के कैरो प्रखंड स्थित पलाशमार्ट में सखीमंडल की महिलाओं द्वारा हस्तनिर्मित राखी बिक्री स्टॉल की शुरूआत हुई।नजदीकी पलाश मार्ट से हस्तनिर्मित राखी खरीदकर झारखण्ड की इन बहनों को प्रोत्साहित करने के लिए झारखण्ड सीएम हेमंत सोरेन ने सभी से आग्रह किया है.उन्होंने ने ट्वीट कर कहा ”आने वाले रक्षाबंधन त्योहार के लिए सखी मंडल से जुड़ी राज्य की हमारी मातायें-बहनें स्नेहपूर्वक राखियों का निर्माण कर रही हैं।आप सभी से आग्रह है अपने नजदीकी पलाश मार्ट में जाकर स्नेह और आर्शीवाद से भरी इन राखियों को खरीद कर हमारी मेहनकश माताओं-बहनों का उत्साहवर्धन अवश्य करें।”

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