ऑफिशियल अतीकहमद नाम के अकाउंट से पोस्ट की गई एक रील में अतीक के राजनीति के आखिरी दिनों तक की तस्वीरें दिखाई गई हैं. सामने अतीक की तस्वीर और बैकग्राउंड में डायलॉग चल रहा है। प्रोफाइल में कई अन्य वीडियो भी हैं जिनमें माफिया के प्रति सहानुभूति व्यक्त की गई है।यह अकेला अकाउंट नहीं है जिसने अतीक के समर्थन में वीडियो पोस्ट किए हैं। दरअसल 15 अप्रैल को अतीक की हत्या के बाद से इंटरनेट पर ऐसे 50 से ज्यादा प्रोफाइल सक्रिय हैं. जिसमें माफिया के प्रति सहानुभूति व्यक्त की जा रही है। ये प्रोफाइल अतीक, शाइस्ता, अशरफ, अली और असद के नाम से चल रहे हैं।सोशल मीडिया पर ऐसे अकाउंट्स पर यूपी एसटीएफ और पुलिस का क्या कहना है। ये लोग हैं कौन। आगे इन प्रोफाइल का क्या होगा? इस संबंध में हमने एसटीएफ चीफ अमिताभ यश से बात की।यूपी एसटीएफ चीफ अमिताभ यश कहते हैं, ‘जब भी कोई बड़ी घटना होती है तो कुछ लोग उसे सही बताते हैं तो कुछ गलत। इसी तरह इंटरनेट पर भी ऐसे लोगों की तादाद बहुत ज्यादा है, जो किसी प्रमोशन कंपनी को पैसे देकर लोगों को मनचाहा कंटेंट दिखाते हैं। हालांकि एसटीएफ और जिला प्रशासन ऐसे प्रोफाइल पर लगातार नजर रखे हुए है।’उमेश पाल हत्याकांड के बाद जब कई दिनों तक शूटरों का पता नहीं चल सका तो पुलिस ने अतीक के बेटों (असद और अली) के अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बनाए गए खातों की जांच शुरू की, जिसमें बड़ा खुलासा हुआ.पता चला कि असद और अली के कई फेसबुक दोस्तों ने 24 फरवरी की गोलीबारी के संबंध में अतीक के समर्थन में पोस्ट किए थे। इसके बाद प्रयागराज पुलिस और एसआईटी ने इंस्टाग्राम सहित कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय ऐसे प्रोफाइल पर कार्रवाई की है।प्रयागराज साइबर क्राइम सेल के अधिकारी राहुल कुमार का कहना है, ‘साइबर सेल लगातार सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नजर रख रही है. पिछले 25 दिनों में हमने इंस्टाग्राम और फेसबुक पर 4 से 5 ऐसे अकाउंट भी रिपोर्ट किए हैं, जिन पर माफिया की हत्या को लेकर भड़काऊ पोस्ट किए गए थे. उनमें से ज्यादातर अली-असद के दोस्त थे, जो अतीक को जानते थे और उनके समर्थक थे।



