रविवार शाम को अलकडीहा पुलिस द्वारा थाने से थोड़ी ही दूरी पर स्थित एक बंद खदान से अमन सिंह गैंग के कुख्यात गुर्गे आनंद वर्मा का शव बरामद किया गया है।आनंद का शव पूरी तरह से सड़ चुका था जिस कारण खदान से काफी बदबू आने पर लोगो ने पुलिस को सूचित किया जिसके बाद करीब 50 अंदर जाकर शव को बाहर निकाला गया। इसमें पुलिस को घंटो लग गए। 23 मार्च से लापता आनंद वर्मा के गायब होने की रिपोर्ट मां ने तिसरा थाने और अलकडीहा ओपी थाने में लिखवाई थी।पिछले एक महीने से तिसरा थाने की पुलिस दो मामलों में फरार आनंद को पकड़ने के लिए खोज कर रही थी। पुलिस के डर से आनंद एक हफ्ते से जयरामपुर आटा चक्की मोड़ के निवासी और साथी विक्की निषाद के साथ रह रहा था।
जयरामपुर में आनंद विक्की के अलावा सूरज भुइयां और डोमा भुइयां से भी मिलता रहता था। आनंद का एक साथी सूरज भुइयां का शव घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर एक पेड़ पर रस्सी से लटकता पाया गया था। उसका शव विक्की निषाद के घर के पीछे बंद खदान से बरामद किया गया है। दो दिन पहले आनंद का एक साथी सूरज भुइयां का शव घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर एक पेड़ पर रस्सी से लटकता पाया गया था। उसका एक दूसरा साथी डोमा भुइयां भी लापता है। तिसरा थाने की पुलिस की शह पर डोमा भुइयां ने आनंद की हत्या की है ऐसा आरोप आनंद की मां और भाई ने लगाया है। तिसरा थाना प्रभारी अभिजीत कुमार ने आनंद के माँ और भाई के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। प्रभारी का कहना है कि वह पहले से ही कई मामले में वारंटी था। आनंद को पकड़ने के लिए कई बार उसके घर में खोजबीन करने गया था। वहीँ तिसरा थाना प्रभारी अभिजीत कुमार मामले की जांच में जुटे हुए हैं।



