झारखंड विधानसभा में आज भर्ती नीति के मुद्दे पर प्रश्नकाल हंगामे के बीच कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय ने जाति प्रमाण पत्र की वैधता तीन साल होने से युवाओं को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया.वे विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के हित में एकमुश्त जाति प्रमाण पत्र जारी करने के पक्ष में थीं.आजसू विधायकों ने ओबीसी आरक्षण से जुड़े सवाल पूछे।उन्होंने जानना चाहा कि ओबीसी को आरक्षण बढ़ाने वाला कानून कब अस्तित्व में आएगा।संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने इसका जवाब देते हुए कहा कि प्रक्रिया जारी है।नियोजन नीति पर झारखंड विधानसभा में भाजपा ने हंगामा किया और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की। भाजपा का कहना है कि हम राज्य के युवाओं को ठगने वाली हेमंत सोरेन की सरकार के खिलाफ हम भाजपा विधायक विधानसभा परिसर में प्रदर्शन कर युवाओं की आवाज़ को बुलंद करते हुए मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांग कर रहे हैं। वहीँ झारखंड विधानसभा सत्र के दौरान झामुमो विधायक सुदिव्य कुमार ने सुदेश महतो से पूछा – “एनडीए गठबंधन के अपने साथियों से पूछ कर स्पष्ट कीजिए कि सदन द्वारा जो 1932 के खतियान आधारित नियोजन नीति पास कर के भेजी गई थी, उसे लेकर वे कहाँ खड़े हैं?”
झारखंड विधानसभा में आज भाजपा विधायकों ने भर्ती नीति के मुद्दे पर प्रश्नकाल बाधित किया.रामगढ़ की नवनिर्वाचित विधायक सुनीता देवी को शपथ दिलाये जाने के बाद जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, भाजपा विधायक वेल में आ गये और भर्ती नीति पर जवाब मांगते हुए नारेबाजी करने लगे.हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12.30 बजे 11.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी।इससे पहले मिडिया से बात करते हुए मंत्री चम्पाई सोरेन ने कहा ”विपक्ष ने 20 सालों से झारखंड की जनता को लूटा है। हमारी सरकार युवाओं के हित में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है, हमें आशा है कि इसमें विपक्ष का भी सहयोग मिलेगा। यह तो तय है कि झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान, जो कुछ भी होगा, झारखंडियों के हित में होगा।”



