बजट सत्र से पूर्व सीएम आवास में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक हुई

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Before the budget session, an important meeting was held under the chairmanship of the Chief Minister at the CM’s residence

झारखंड विधानसभा का वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट सत्र सोमवार से शुरू होगा. झारखंड विधानसभा में 3 मार्च को वित्तीय वर्ष 2023-24 का वार्षिक बजट पेश किया जाएगा.बजट सत्र को लेकर सरकार की तरफ से सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को कैबिनेट मंत्रियों और विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो के साथ बैठक की.राज्य के वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव लगातार अधिकारियों के साथ बैठक कर बजट को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं. वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी आने वाले वित्तीय वर्ष में शुरू की जाने वाली कुछ नई योजनाओं को लेकर लगातार अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं. 3 मार्च को बजट पेश करने से पहले राज्य सरकार चालू वित्त वर्ष का तीसरा पूरक बजट भी पेश करने की तैयारी कर रही है.

नए राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन संबोधित करेंगे। इस महीने नए राज्यपाल के रूप में शपथ लेने वाले सीपी राधाकृष्णन का यह पहला संबोधन होगा। सत्र के दूसरे दिन पूरक बजट पेश किया जाएगा। 2 मार्च को विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया जाएगा। जिसमें विकास की गति की जानकारी मिलेगी। बजट सत्र के दौरान राज्य सरकार ‘नई स्थानीय नीति’ से जुड़ा विधेयक भी पेश कर सकती है. इसके अलावा कई और अहम बिल भी पटल पर रखे जाने की संभावना है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की ओर से बजट सत्र की तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं. रामगढ़ विधानसभा उपचुनाव के दौरान बीजेपी और आजसू पार्टी के बीच नजदीकियां बढ़ गई हैं. अब दोनों दल बजट सत्र में सरकार को रोजगार, कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरने की कोशिश करेंगे. इसके अलावा सत्ता पक्ष के कुछ नाराज विधायक भी जनहित के मुद्दे पर अपनी ही सरकार के सामने मुश्किल खड़ी कर सकते हैं. सोमवार को यूपीए और एनडीए के विधायकों की अलग-अलग बैठक भी होगी. पिछले वित्तीय वर्ष 2022-23 की तुलना में इस बार (2023-24) बजट में अधिक राशि का प्रावधान किए जाने की उम्मीद है। पिछली बार 1.01 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया था। इस बार 1.11 लाख करोड़ से ज्यादा का बजट रहने की उम्मीद है। इधर, इस बजट में एक दिलचस्प मामला देखने को मिलेगा क्योंकि वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव चौथी बार बजट पेश करेंगे. इससे पहले लगातार पांच बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड पूर्व सीएम सह वित्त मंत्री रघुबर दास के नाम था. इस साल के बजट को तैयार करने से पहले राज्य सरकार ने लोगों की भावनाओं से जुड़ने के लिए बजट का नाम ‘हमीं कर बजट’ रखा था. जानकारों के मुताबिक राज्य की तीन-चौथाई आबादी कृषि पर निर्भर है. इसे ध्यान में रखते हुए और बजट पर मिले सुझाव के मुताबिक सरकार इस सेक्टर पर ज्यादा फोकस दिखा सकती है। साथ ही वित्तीय मामलों के जानकारों की मानें तो संतुलित बजट तभी बनाया जा सकता है, जब बजट का आधा हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर खर्च किया जाए। शेष 50 प्रतिशत में से 30 प्रतिशत राज्य की जरूरतों पर और 20 प्रतिशत अन्य देनदारियों पर खर्च किया जाना चाहिए।

Before the budget session, an important meeting was held under the chairmanship of the Chief Minister at the CM’s residence

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