बिहार-झारखंड के बीच सफर अब और होगा आसान

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झारखंड वासियों का पड़ोसी राज्‍य बिहार जाना अब और आसान होने वाला है. बिहार सरकार के एक महत्‍वपूर्ण फैसले से यह संभव हो सकेगा. पड़ोसी राज्‍य की सरकार ने 210 रूट पर बस चलाने का फैसला किया है. वैसे तो बिहार के कई शहरों से झारखंड के कई शहरों में बसें चलती हैं, लेकिन 210 मार्गों पर बस चलने से यात्रियों को एक से दूसरे राज्‍य जाने में काफी सहूलियत होगी. अधिकारियों की मानें तो इस बाबत 19 नवंबर को परिवहन आयुक्‍त के कार्यालय में बैठक होगी. इसमें बसों को परमिट देने पर अंतिम मुहर लगने की उम्‍मीद है. दरअसल, बिहार सरकार ने प्रदेश के सभी शहरों से झारखंड समेत अन्‍य राज्‍यों में बस सेवा शुरू करने की तैयारी में है. झारखंड के अलावा उत्‍तर प्रदेश और अन्‍य राज्‍यों में भी बस सेवा शुरू की जाएगी, लेकिन इसकी शुरुआत झारखंड से की जाएगी. विभागीय अधिकारियों के मुताबिक 19 नवंबर को राज्य परिवहन आयुक्त के कार्यालय में बैठक इसको लेकर अहम बैठक होगी. इसमें बसों की परमिट पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है. परमिट पर मुहर लगते ही बसों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा. उम्‍मीद जताई जा रही है कि दिसंबर से बिहार के सभी शहरों से झारखंड जाने की सुविधा उपलब्‍ध हो जाएगी. इसके बाद उत्‍तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों के लिए भी बसों को परमिट जारी की जाएगी. बता दें कि बिहार से झारखंड के कई प्रमुख शहरों के लिए रेल कनेक्टिविटी भी है, लेकिन बस सेवा शुरू होने से यात्रियों को काफी सहूलियत होगी.  मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पटना से रांची के बीच 500 बसों का परमिट कोटा है, जिसमें 465 खाली हैं. इसी तरह पटना से टाटा के बीच 200 में 157, हजारीबाग के बीच 200 में 157 और देवघर के लिए 125 में 121 खाली हैं. इसे देखते हुए परिवहन विभाग ने बसों को परमिट देने में तेजी लाने जा रहा है, ताकि दोनों राज्‍यों के प्रमुख रूट पर बसों का परिचालन शुरू किया जा सके. बता दें कि बिहार के विभिन्‍न शहरों से रांची और देवघर के लिए बड़ी संख्‍या में लोग जाते हैं. इसके अलावा टाटा, हजारीबाग आदि शहरों के लिए भी लोग सफर करते हैं.