भारतीयों के वजह से आज एक भारतीय ऐप अपने अस्तित्व को खत्म करने जा रहा है

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HikeWhatsApp, Facebook, Instagram हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुकी है . आज हमारी हालत ऐसी हो गई है कि किसी विदेशी कंपनी के हम गुलाम बनकर रह गए हैं. विदेशी मैसेजिंग या चैटिंग ऐप को इस्तेमाल करने के लिए आज हम अपना कितना भी निजी डेटा उसके साथ शेयर करने को तैयार है. हम में से कितने लोगों को पता है कि हमारे भारत के पास एक उसका अपना मैसेजिंग ऐप है. शायद कुछ को ही पता होगा कि HIKE का भी अस्तित्व हमारी सोशल मीडिया में है. यह ताज्जुब की बात नहीं है कि भारतीयों को अपने घर की मुर्गी दाल बराबर लगती है.

मुझे लगता है कि बहुत सारे ऐसे लोग होंगे जिन्होंने हाइक का नाम तक नहीं सुना होगा तो उसे इस्तेमाल करना या उसे डाउनलोड करना तो दूर की बात है. लेकिन क्या आप लोगों को पता है कि सिर्फ एक ऐप पर कितने सारे लोगों की नौकरी निर्भर करती है.

मान लीजिए कि अगर एक मैसेजिंग ऐप को हम बहुत अच्छे तरीके से इस्तेमाल करते हैं तो उसे संभालने वालों की जरूरत पड़ेगी इससे आईटी सेक्टर और इंजीनियरिंग सेक्टर में नौकरी के नए अवसर आएंगे और अगर ऐसा होगा तो कई छोटी बड़ी नौकरियां अपने आप ही बढ़ते जाएगी.

आज हमारे देश के मैसेजिंग एप की यह नौबत आ चुकी है कि आज उसे खुद को खत्म करना पड़ रहा है और खुद को खत्म करने से पहले HIKE के CEO ने एक बहुत ही बड़ी बात कह डाली कि भारतीयों के पास अपना कोई मैसेजिंग ऐप कभी नहीं होगा जो कि कहीं ना कहीं सच भी है.

हम HIKE का प्रचार नहीं कर रहे लेकिन हम यह जरूर आपको बताना चाहते हैं कि आपको अपने घर के लिए अपने भारत के लिए अपने देश के लिए अगर कुछ करना है तो “BE VOCAL FOR LOCAL “